
छतरपुर। जिले के चंदला थाना क्षेत्र के ग्राम बरुआ में सोमवार सुबह गैस सिलेंडर से गैस रिसाव होने के कारण हुए भीषण अग्निकांड ने एक गरीब परिवार की खुशियां राख कर दीं। रसोई में खाना बना रही तीन सगी बहनें आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं, जबकि आग ने पूरे मकान को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस हादसे में घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार परिवार को ढाई से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम बरुआ निवासी मूलचंद रजक की पुत्रियां वंदना रजक, रोशनी रजक और उमाकांति रजक सोमवार सुबह रसोई में खाना बना रही थीं। इसी दौरान रसोई में रखे गैस सिलेंडर से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही क्षणों में चूल्हे की आग ने लीक हो रही गैस को पकड़ लिया और पूरी रसोई आग की लपटों से घिर गई। आग इतनी तेजी से फैली कि तीनों बहनें उसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गईं।
हादसे के दौरान घर में मौजूद छोटे बच्चों को परिजनों और ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक मकान और उसमें रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। सूचना के बाद घायल तीनों युवतियों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
इस अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह संकट में आ गया है। मकान मालिक मूलचंद रजक ने बताया कि आग में उनकी वर्षों की जमा-पूंजी और गृहस्थी का पूरा सामान जल गया। उन्होंने शासन और जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि परिवार दोबारा अपना जीवन शुरू कर सके।
