
रीवा, मिलावट से मुक्ति अभियान के अंतर्गत कलेक्टर रीवा के निर्देश पर रौसर रीवा स्थित रम्पत डेयरी के कारखाना में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा दबिश दी गई. टीम के अचानक पहुँचने पर संचालक रामपति यादव ने टीम के सदस्यों को बाहर रोककर अंदर जाकर संदिग्ध मावा कारखाने के पीछे लगे खेत में कटीले झाडिय़ों में छुपा दिया. टीम के सदस्यों को शंका होने पर अंदर जाकर जांच की गई तो मावा पाया गया जो कि प्रथम दृष्टया संदिग्ध होने से जप्त किया गया. कार खाने में तैयार किए जा रहे मावा एवं दही के नमूने जांच में लिए गए हैं. टीम द्वारा कुठुलिया मोड़ स्थित शगुन डेयरी से जांच हेतु पनीर व मावा के नमूने लिए गए. टीम द्वारा नेहरू नगर स्थित बालकृष्ण डेयरी में जांच के दौरान मावा का स्टॉक पाया. संचालक सच्चिदानंद पांडे ने पूछताछ करने पर बताया कि वह मावा उनके कारखाने से नहीं बनाया है बल्कि मानिकपुरा के व्यापारी मातादीन से खरीद कर रक्षाबंधन के लिए स्टॉक किया गया है. टीम द्वारा जांच के लिए मावा के नमूने लेकर भेजे गए हैं. इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अम्बरीश दुबे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर टीम द्वारा कार्यवाही की जा रही है. रौसर में मावा जप्त किया गया है जिसे संचालक द्वारा कारखाने से बाहर फेंक दिया गया था. इसके अलावा कई जगह से नमूने एकत्र किये गये है. जिसे जांच के लिये भेजा गया है, यह कार्यवाही लगातार जारी रहेगी.
