भोपाल: मध्य प्रदेश में जुलाई से शहरी परिवहन की तस्वीर बदलने जा रही है। केंद्र सरकार की पीएम-ई बस सेवा के तहत सबसे पहले इंदौर, भोपाल और जबलपुर में आधुनिक एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू होगा। पहले चरण में इंदौर में 150, जबकि भोपाल और जबलपुर में 100-100 ई-बसें अलग-अलग रूटों पर दौड़ेंगी। इसके बाद दूसरे चरण में ग्वालियर, उज्जैन और सागर को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा।
इन बसों में यात्रियों को एयर कंडीशनिंग, आरामदायक सीटें, डिजिटल टिकटिंग, जीपीएस ट्रैकिंग और बेहतर सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी। टिकट ‘चलो ऐप’ के माध्यम से भी बुक किए जा सकेंगे, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी।किराए को भी आम लोगों के बजट के अनुसार रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, पीएम-ई बसों का किराया मौजूदा सिटी बसों के बराबर या उसके आसपास रहने की संभावना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सेवा का लाभ उठा सकें।
इस योजना के तहत छह शहरों में 582 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। बसों के संचालन के लिए नए डिपो, आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और हाई-टेंशन बिजली लाइन का भी निर्माण किया जा रहा है। संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्रीन सेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है।सरकार का कहना है कि इस पहल से शहरों में ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा, लोगों को आरामदायक और सुरक्षित सफर मिलेगा, साथ ही सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पहले से कहीं अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनेगी।
