रीवा: दिल्ली एवं लखनऊ की अग्नि दुर्घटना के बावजूद रीवा का नगर निगम प्रशासन नींद से नही जागा है. बहुमंजिला भवन अवैध रूप से बगैर अनुज्ञा के निर्माणाधीन है और आवासीय अनुमति प्राप्त भवनों का व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है. फायर सेफ्टी की व्यवस्था तक नही उसके बाद भी नगर निगम आंख मूंद कर बैठा है. शायद इंतजार में है कि दिल्ली के होटल में जिस तरह से आगजनी में कई लोग मौत के गाल में समा गये और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में कई छात्र मौत के मुंह में चले गये.
आगजनी की दोनो घटनाओं के बाद भी रीवा नगर निगम प्रशासन नही जागा.
जबकि शहर के संजय गांधी अस्पताल में दो बार आगजनी की घटना हो चुकी है उसके बाद भी अग्नि सुरक्षा आडिट परीक्षण नही किया जा रहा है. शहर में अवैध रूप से बगैर भवन अनुज्ञा के व्यवसायिक भवनों का निर्माण हो रहा है. इतना ही नही स्वीकृत मानचित्र के विपरीत नियमों को दरकिनार कर बहुमंजिला भवन बन रहे है. इसके अलावा अनुज्ञा का उल्लंघन करते हुए आवासीय अनुमति प्राप्त भवनों का व्यवसायिक उपयोग हो रहा है. रीवा शहर में भी दिल्ली और लखनऊ जैसी अग्नि दुर्घटना होने की संभावना है. लेकिन नगर निगम प्रशासन सो रहा है.
मजे की बात तो यह है कि तलघर-बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के स्थान पर कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, कार्यालय, गोदाम आदि के रूप में किया जा रहा है. निर्माण स्वीकृत मानचित्र की भी धज्जियां उड़ाई जा रही है. इतना ही नही निर्मित भवनो में अग्रभाग में खुला क्षेत्र, सेटबैक नही छोड़ा जा रहा है. जिससे आपातकाल में अग्निशमन वाहन का पहुंचना असंभव है. कई ऐसे भवन बने है जहा अगर आग लग जाय तो फायर बिग्रेड तक नही पहुंच सकता है.
नियमों को ताक में रखकर भवनों का निर्माण चल रहा है लेकिन संबंधित इंजीनियरों को इसकी भनक तक नही लगती है. नेहरू नगर मिश्रा पेट्रोल पम्प के सामने अवैध रूप से बिना अनुज्ञा के बहुमंजिला भवन बनकर तैयार हो गया और इसकी जानकारी संबंधित इंजीनियरों को नही है, ऐसा हो नही सकता. जो भी इंजीनियर वार्ड में पदस्थ रहे है उनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई आखिर क्यो? आम आदमी छोटा सा मकान बनाता है तो अनुमति न होने पर नगर निगम आ अमला पहुंच जाता है तो आखिर रसूखदार के अवैध भवन पर अभी तक कार्यवाही का बुलडोजर क्यो नही चला.
केवल नोटिस तक सीमित है नगर निगम
शहर के अंदर बगैर भवन अनुज्ञा के व्यवसायिक भवन का निर्माण धड़ल्ले के साथ हो रहा है जो कि संबंधित वार्ड के उपयंत्री-सहायक यंत्री को दिखाई नही देता है. एजी कालेज मोड़ के पास बगैर अनुज्ञा के कई भवन बन रहे है. इसी तरह वार्ड 25 रीवा हास्पिटल के पास अवैध निर्माण चल रहा है. शहर के ही वार्ड क्रमांक 13 में नेहरू नगर मिश्रा पेट्रोल पम्प के सामने बिना अनुमति के व्यवसायिक भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है. जिसका निरीक्षण सहायक यंत्री जोन क्रमांक 3 द्वारा किया गया और रमेश सासवानी को 11 जून को नोटिस जारी की गई. लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही की गई, जबकि तीन दिवस के अंदर संबंधित से सभी अभिलेख मांगे गये थे. तीन दिन का समय बीतने के बाद भी अगली नोटिस नही जारी की गई, जबकि एमआईसी सदस्य धनेन्द्र सिंह ने भी भवन को लेकर आपत्ति जताते हुए कमिश्नर को पत्र लिखकर जानकारी तलब की थी.
बेसमेंट पार्किंग को लेकर पूर्व में जारी हुई थी नोटिस
दिल्ली में जुलाई 2024 में बेसमेंट पार्किंग में पानी भर जाने से छात्रों की हुई मौत के बाद प्रदेश भर में बेसमेंट पार्किंग को लेकर अभियान चलाकर कार्यवाही की गई थी. उसी तारतम्य में रीवा नगर निगम के अधिकारियों ने भी नापजोख कर कई भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया था. लेकिन कोई कार्यवाही आज तक नही की गई. जबकि बेसमेंट पार्किंग का उपयोग पार्किंग के अलावा अन्य कार्यो के लिये हो रहा है. शायद नगर निगम इंतजार में है कि इस बरसात में कही पानी भरे और कोई हादसा हो, उसके बाद कार्यवाही की जाय. नगर निगम केवल नोटिस तक ही सीमित रह गया है.
महापौर ने कार्यवाही के लिये आयुक्त को लिखा पत्र
दिल्ली और लखनऊ की घटना को ध्यान में रखते हुए महापौर अजय मिश्रा बाबा ने अवैध निर्माण एवं भवन उपविधि उल्लंघन की रोकथाम को लेकर तत्काल कार्यवाही के लिये निगम आयुक्त को मंगलवार को पत्र लिखा है. जिसमें उन्होने बताया कि किस तरह से आवासीय अनुमति प्राप्त भवनों का उपयोग व्यवसायिक किया जा रहा है. तलघर, बेसमेंट का उपयोग पार्किंग के बजाय कोचिंग संस्थान, नर्सिंग होम, गोदाम आदि के रूप में उपयोग किया जा रहा है. जो भी व्यवसायिक भवन, बारात घर बने है या बन रहे है उसमें स्वीकृत मानचित्र का पालन नही किया गया है. महापौर ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पूर्व में भी पत्राचार किया गया लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही की गई, क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के इंतजार में है. संजय गांधी अस्पताल में दो बार अग्नि घटना हो चुकी है. हाल ही में नीट परीक्षा केन्द्र मार्तण्ड क्रमांक 2 प्राचार्य कक्ष में भी आगजनी हुई है. महापौर ने संयुक्त जांच दल गठित करने एवं शहर के समस्त कोचिंग संस्थान, अस्पताल नर्सिंग होम, व्यवसायिक काम्पलेक्स आदि स्थल का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा एवं भवन अनुज्ञा, निकास व्यवस्था की जांच सात दिवस के अंदर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और नियम विरूद्ध पाये गये भवनों को नोटिस जारी कर 15 दिवस में शील एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने का उल्लेख किया है
