मुंबई, दिग्गज एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने फिल्म बंटवारा 1947 देखने के बाद इसकी जमकर सराहना की। उन्होंने स्टार्स की एक्टिंग की तारीफ करते हुए इसे देश के लिए जरूरी फिल्म बताया।
सिनेमाघरों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज हुई आमिर खान प्रोडक्शंस की फिल्म बंटवारा 1947 इन दिनों दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। भारत और पाकिस्तान के बंटवारे पर आधारित यह फिल्म दर्शकों के दिलों को छू रही है। अब बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस और सांसद हेमा मालिनी ने भी यह फिल्म देखी और अपनी भावनाएं जाहिर कीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक खास पोस्ट शेयर करके फिल्म की कहानी और इसके जरिए समाज को दिए गए पैगाम की खुले दिल से तारीफ की है।
सिनेमाघर से बाहर आते ही छलका हेमा मालिनी का दर्द
फिल्म देखने के बाद हेमा मालिनी ने बताया कि कहानी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि यह फिल्म बेहद शानदार है और वर्तमान समय में देश को जिस बात की सबसे ज्यादा जरूरत है, उसे बहुत प्रभावी ढंग से रेखांकित करती है।
उनका मानना है कि आपसी नफरत और बंटवारे की तुलना में इंसानियत, परस्पर सम्मान और सामाजिक सौहार्द कहीं अधिक मूल्यवान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म का यह खूबसूरत संदेश लोगों की सोच बदलने और समाज में प्यार एवं दयालुता का माहौल बनाने में मददगार साबित होगा।
दिग्गज कलाकारों के अभिनय ने दर्शकों को बांधा
हेमा मालिनी ने फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे सनी देओल और शबाना आजमी की एक्टिंग की जमकर तारीफ की। उन्होंने दोनों की एक्टिंग को असाधारण बताया। इसके साथ ही उन्होंने निर्देशक राजकुमार संतोषी के निर्देशन की भी सराहना की। फिल्म के अन्य कलाकारों, जिनमें करण देओल और प्रीति जिंटा शामिल हैं, के काम को भी उन्होंने सराहा।
निर्माता आमिर खान को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा सिनेमा समय की मांग है और यह एक लंबे समय तक याद रखी जाने वाली कृति है।
तीन दशक बाद फिर बनी निर्देशक और अभिनेता की जोड़ी
फिल्म बंटवारा 1947 सिनेमाई दृष्टिकोण से भी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इसके द्वारा सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की फेमस जोड़ी लगभग 30 साल बाद दोबारा एक साथ आई है। इससे पहले दोनों ने घायल, दामिनी और घातक जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में साथ काम किया था।
14 अगस्त को रिलीज हुई बंटवारा 1947 सिर्फ ऐतिहासिक त्रासदी को नहीं दर्शाती, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मानवीय मूल्यों की रक्षा करने की प्रेरणा देती है। फिल्म का संगीत ए. आर. रहमान ने तैयार किया है, जबकि इसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।
