सागर: समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को जनता की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाए तो आंदोलनों की नौबत नहीं आती।उन्होंने आरोप लगाया कि सर्वोच्च स्तर पर लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संयमित भाषा का पालन नहीं किया गया।
उनके अनुसार आंदोलन के दौरान अमर्यादित भाषा का उपयोग किया गया और बाद में दबाव बनने पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले से संवेदनशील होकर जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। श्री ठाकुर ने कहा कि जनता की उचित मांगों को लंबे समय तक दरकिनार करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “कायरता और क्रूरता एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं।”उन्होंने यह भी दावा किया कि NEET परीक्षा पेपर लीक का मुद्दा मई माह में सबसे पहले लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी (लोसपा) ने उठाया था और समय रहते इस पर ध्यान दिया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी।
