नयी दिल्ली 23 अप्रैल (वार्ता) भारत और मिस्र ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को प्रगाढ बनाने के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की है।
भारत–मिस्र संयुक्त रक्षा समिति ने बुधवार को काहिरा में संपन्न् तीन दिन की अपनी 11वीं बैठक के दौरान द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए सार्थक चर्चा की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) अमिताभ प्रसाद ने किया और इसमें रक्षा मंत्रालय तथा सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। मिस्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा बलों और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि दोनों पक्षों ने पिछली संयुक्त रक्षा समिति बैठक के बाद हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की और रक्षा सहभागिता के लिए एक भविष्य उन्मुख रूपरेखा तैयार की। उन्होंने 2026-27 के लिए द्विपक्षीय रक्षा सहयोग योजना पर सहमति व्यक्त की, जिसमें संरचित सैन्य संपर्क तंत्र का विस्तार, संयुक्त प्रशिक्षण आदान-प्रदान को मजबूत करना, समुद्री सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना, सैन्य अभ्यासों के दायरे और जटिलता को बढ़ाना तथा रक्षा उत्पादन और प्रौद्योगिकी में सहयोग को प्रोत्साहित करना शामिल है।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय रक्षा उद्योग की तेजी से बढ़ती विनिर्माण क्षमताओं पर प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि भारत का रक्षा उत्पादन 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और भारत 100 से अधिक देशों को लगभग 4 अरब डॉलर के उत्पाद निर्यात कर रहा है। दोनों पक्षों ने रक्षा उद्योग सहयोग योजना विकसित करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की। रक्षा उद्योग सहयोग भारत–मिस्र रक्षा संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है, जिसमें दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में सह-विकास और सह-उत्पादन के अवसरों की तलाश कर रहे हैं। बैठक के दौरान पहली बार नौसेना-से-नौसेना स्टाफ वार्ता भी आयोजित की गई। भारतीय नौसेना द्वारा हिंद महासागर क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका की जानकारी दी गई और समुद्री सुरक्षा को प्रोत्साहित करने में भारत के सूचना संलयन केंद्र की प्रमुख भूमिका को रेखांकित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मिस्र वायु सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अम्र अब्देल रहमान सक्र से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच घनिष्ठ सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हेलियोपोलिस युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और प्रथम तथा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय वीरों को श्रद्धांजलि दी। भारत–मिस्र रक्षा साझेदारी में सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री की मिस्र यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। वर्ष 2023 में द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत किया गया। 11वीं बैठक ने दोनों देशों के बीच घनिष्ठ संबंधों की पुष्टि की और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा स्थिरता के प्रति उनकी पारस्परिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।

