
नयी दिल्ली, 22 जून (वार्ता)। हरियाणा के राखीगढ़ी पुरातात्विक स्थल से प्राप्त मानव कंकाल अवशेषों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (एएनएसआई) को सौंप दिया है। भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण के निदेशक प्रोफेसर बी. वी. शर्मा ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि एएसआई और एएनएसआई के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत यह कदम उठाया गया है, जिससे सिंधु-सरस्वती सभ्यता पर बहुविषयक अनुसंधान को नयी गति मिलेगी। अवशेषों पर प्राचीन डीएनए सहित विभिन्न आधुनिक तकनीक से अध्ययन किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि 2025-26 के उत्खनन सत्र के दौरान राखीगढ़ी के टीला संख्या सात में आठ कब्रें मिली थीं। इनमें तीन पूर्ण मानव कंकाल तथा अन्य अस्थि अवशेष प्राप्त हुए, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए कोलकाता स्थित एएनएसआई की प्रयोगशाला भेजा गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार प्राचीन डीएनए, समस्थानिक और अस्थिविज्ञान संबंधी अध्ययनों से हड़प्पा काल के लोगों की उत्पत्ति, स्वास्थ्य, जीवनशैली और प्रवास संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकेंगी। अधिकारियों ने कहा कि यह शोध विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से किया जाएगा तथा इसके निष्कर्ष सिंधु-सरस्वती सभ्यता के जैविक और सांस्कृतिक इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
