मुंबई, सनी देओल की फिल्म बंटवारा 1947 मंडे टेस्ट में पिछड़ गई है। 4 दिन केवल 2 करोड़ रुपये का कलेक्शन करने के बाद फिल्म का कुल कलेक्शन 28.50 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई पीरियड ड्रामा फिल्म बंटवारा 1947 को बॉक्स ऑफिस पर पहला बड़ा झटका लगा है। वीकेंड के दौरान दर्शकों की अच्छी तादाद जुटाने के बाद सोमवार को फिल्म का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। हफ्ते के पहले वीकडे में दर्शकों की संख्या में आई बड़ी कमी के कारण कमाई का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा। शानदार शुरुआत के बाद मंडे टेस्ट में पिछड़ने की वजह से अब फिल्म के कुल कलेक्शन की रफ्तार पर ब्रेक लगता नजर आ रहा है।
चौथे दिन कमाई के आंकड़े में आई बड़ी गिरावट
खबरों के अनुसार, 14 अगस्त को रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 5.75 करोड़ रुपये से शुरुआत की थी। इसके बाद शनिवार को फिल्म के ग्राफ में तेजी आई और उसने 13.50 करोड़ रुपये की कमाई की। रविवार को भी फिल्म ने अपनी पकड़ बनाए रखी और 7.25 करोड़ रुपये जुटाने में कामयाब रही। हालांकि, सोमवार यानी चौथे दिन फिल्म की कमाई गिरकर महज 2.00 करोड़ रुपये पर सिमट गई।
देश भर के सिनेमाघरों में दिखा ऐसा माहौल
चौथे दिन मंडे टेस्ट के दौरान देश भर में फिल्म के लगभग 6,771 शो दिखाए गए थे। इन तमाम शो से 2.00 करोड़ रुपये बटोरने के बाद अब बंटवारा 1947 का कुल भारतीय नेट कलेक्शन 28.50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। वीकेंड की तुलना में सोमवार को दर्शकों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई, जिससे सिनेमाघरों की खिड़कियों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया।
बंटवारे के दौर की कहानी पर आधारित है फिल्म की कहानी
राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी पर आधारित है। फिल्म की कहानी सिकंदर मिर्जा और उनकी पत्नी हमीदा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शरणार्थी बनकर लाहौर पहुंचते हैं। वहां उन्हें रहने के लिए एक हवेली दी की जाती है। हालांकि, उस हवेली में पहले से दुर्गावती नाम की एक बुजुर्ग हिंदू महिला रह रही होती है, जो अपना घर छोड़ने से साफ इनकार कर देती है।
मानवीय रिश्तों और रक्षा की मिसाल है फिल्म
फिल्म बंटवारा 1947 में जब स्थानीय नागरिक और शासन के लोग उस बूढ़ी महिला को हवेली से जबरन निकालने की कोशिश करते हैं, तो सिकंदर मिर्जा उसकी ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। वे असहाय महिला के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी से मुकाबला करते हैं।
प्रसिद्ध लेखक असगर वजाहत के लोकप्रिय नाटक पर बनी इस फिल्म को आमिर खान प्रोडक्शंस ने तैयार किया है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आजमी के अलावा करण देओल, अली फजल, अभिमन्यु सिंह तथा कनिका कपूर ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
