भोपाल। रेलवे मजिस्ट्रेट अनुराग खरे ने अपनी टीम के साथ स्टेशन और ट्रेनों में औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोचों में 68 यात्री बिना वैध टिकट यात्रा करते पाए गए, जिनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 137 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए ₹33,590 का अर्थदंड वसूला गया. इसके अतिरिक्त कुछ यात्रियों को चलती ट्रेन में पायदान पर खड़े होकर यात्रा करते हुए पकड़ा गया, जिस पर धारा 156 के तहत कार्रवाई की गई. कुछ मामलों में अवैध चैन पुलिंग की घटनाएं भी सामने आईं, जिन पर धारा 141 के अंतर्गत दंडात्मक कदम उठाए गए. इसके साथ ही स्टेशन पर लगी खाने पीने की स्टालों का भी निरीक्षण किया गया. निरीक्षण में कुछ स्टाल बिना वैध लाइसेंस के खाद्य सामग्री बेचते हुए पाए गए और कई स्थानों पर स्वच्छता का अभाव मिला. इन मामलों में धारा 144 और 145 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया गया. रिफ्रेशमेंट रूम के प्रबंधक और एक कर्मचारी पर गंदगी के लिए ₹2500-₹2500 का अर्थदंड लगाया गया. रेलवे की इस विशेष जांच के दौरान कुल 317 व्यक्तियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की गई तथा कुल ₹3,16,320 का अर्थदंड वसूला गया।
यात्रियों की सुविधा का ख्याल
रेलवे मजिस्ट्रेट अनुराग खरे ने कहा कि यह औचक जांच रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है. रेल प्रशासन सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे नियमों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग करें. रेल यात्रियों को बेहतर यात्रा उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन लगातार प्रयासरत है. इस दौरान गाड़ी संख्या 12137, 12108, 12618 एवं 12138 की पैंट्री कारों का निरीक्षण करते समय कुछ वेंडर बिना निर्धारित यूनिफॉर्म और गंदे कपड़ों में खाद्य सामग्री बेचते पाए गए. इसके अतिरिक्त पैंट्री कारों में स्वच्छता की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई. जिस पर तुरंत ही संबंधित कर्मचारियों पर रेल अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई तथा सुधार के निर्देश दिए गए
