भोपाल। राजधानी में कई रूटों पर सिटी बसों के बंद होने से लोग परेशान हो रहे हैं. जिन रूटों पर सिटी बसें चलनी बंद हो गई हैं, वहां अब आटो और ई-रिक्शा चल रहे हैं. इन रूटों पर आटो और ई- रिक्शा चालकों द्वारा मनामाने तरीके से किराए की वसूली की जा रही है. जिससे कोचिंग इंस्ट्टीयूटट, कॉलेजों, रोजाना ऑफिस आने जाने वाले लोगों, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.बोर्ड ऑफिस से 10 नंबर और 12 नंबर जाने के लिए लोगों से आटो और ई-रिक्शा चालक 30 से 40 रूपए तक मनमाना किराया वसूल रहे हैं. कोलार जाने वाली सवारियों से दिन के समय जो किराया रहता है, रात में वह तीन गुना ज्याद वसूला जाता है. शहर में कोलार से एमपी नगर तक रोजाना आवागमन करने वाले विवेक पटेल ने बताया कि सिटी बसों के नहीं चलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पहले जब एसआर-8 चलती थी. तब वह बस का कार्ड वनवाकर आवागमन करते थे और यह उनके बजट में भी था. अब निजी वाहन चालकों द्वारा मनमाने तरीके से किराये वसूल किए जाते हैं. इसके साथ ही इन छोटे वाहनों में जरूरत से ज्याद सवांरियां भी बैठाई जा रही है. 12 नंबर तक रोजाना जाने वाले विक्रम ने बताया कि सिटी बसों का संचालन ठप हो जाने से वह परेशान है. छोटे वाहन चालक लंबा इंतजार कराते हुए एक स्टाप से दूसरे स्टाप तक चलते हैं. उन्होंने बताया कि रात 9 बजे के बाद कहीं भी आने जाने पर वही किराया तीन गुना ज्यादा छोटे वाहन चालकों द्वारा वसूल किया जाता है.
इनका कहना है
बसों के संचालन के लिए थोड़ा इंतजार है. 150 बसों की टेंडर प्रक्रिया चल रहा है. जल्द ही कई रूटों पर बस सेवा शुरू की जा सकती है.
रोहित यादव, सिटी बस मैनेजर
