सिंगरौली: जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर गौरव बैनल ने राजस्व अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि विभिन्न तहसीलों में सीमांकन संबंधी आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर नहीं किया गया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 के प्रावधानों के तहत कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर 500-500 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है। यह कार्रवाई अधिनियम की धारा 4 एवं धारा 5(1) और 5(2) के अंतर्गत की गई है।जिन अधिकारियों पर अर्थदंड लगाया गया है उनमें नायब तहसीलदार कोरावल ज्ञानेंद्र साकेत, प्रभारी तहसीलदार सरई धर्म प्रकाश मिश्रा, नायब तहसीलदार सासन राजेंद्र बंसल, तहसीलदार देवसर ऋषि नारायण सिंह, नायब तहसीलदार निवास अमित मिश्रा, तहसीलदार माड़ा जाह्नवी शुक्ला, तहसीलदार चितरंगी नागेश्वर पनिका तथा वृत्त मकरोहर तहसील माड़ा की नायब तहसीलदार प्रतीक्षा सिंह शामिल हैं।
कलेक्टर गौरव बैनल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्य में लापरवाही या अनावश्यक विलंब किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
