रीवा:महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला रीवा एवं अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में जवा स्थित रॉयल पैलेस में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना’ एवं ‘हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन’ अंतर्गत बाल विवाह एवं बाल श्रम उन्मूलन विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी नयन सिंह द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया. इस अवसर पर अहिंसा वेलफेयर सोसायटी एवं समग्र जन चेतना विकास परिषद के संचालक सुमित सिंह ने उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला तथा इनके उन्मूलन हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की.
अपने उद्बोधन में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त समाज का निर्माण सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए विभिन्न योजनाएं एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं. उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों एवं आमजन से अपील की कि वे समाज में जागरूकता फैलाकर इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दें. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज को इन कुरीतियों से मुक्त किया जा सकता है.
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्रीमती सरिता सिंह, सुपरवाइजर श्रीमती पूनम सिंह, ब्लॉक समन्वयक सुदीप सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए. प्रशिक्षण शिविर में बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल विवाह की रोकथाम तथा बाल श्रम उन्मूलन में सामुदायिक सहभागिता को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे. सभी प्रतिभागियों ने समाज को जागरूक कर बाल विवाह एवं बाल श्रम मुक्त क्षेत्र बनाने का संकल्प लिया
