किंशासा, 27 जून (वार्ता) कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआर कांगो) में इबोला के मामलों की संख्या 1,200 के पार पहुंच गयी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गत मई के मध्य में प्रकोप घोषित किये जाने के बाद से अब तक संक्रमण के 1,203 पुष्ट मामले सामने आये हैं तथा 321 लोगों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार देर रात जारी ताजा स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, 148 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 419 अन्य मरीज पृथकवास में हैं अथवा अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के इबोला वायरस से फैला यह प्रकोप इतुरी, उत्तर किवु और दक्षिण किवु प्रांतों के 34 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है। इतुरी इस महामारी का सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इस बीमारी पर नियंत्रण के प्रयासों के समक्ष कई गंभीर चुनौतियां बनी हुई हैं। इनमें मृत्यु के बाद जांच का सामुदायिक स्तर पर विरोध, इतुरी में सीमित उपचार क्षमता तथा संपर्क में आए लोगों का पता लगाने की दर का 95 प्रतिशत के लक्ष्य से कम रहना शामिल है।
मंत्रालय ने कहा, “सरकार सभी को याद दिलाती है कि इबोला के खिलाफ लड़ाई हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। प्रत्येक नागरिक से अपील है कि किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना दें, स्वच्छता संबंधी उपायों का पालन करें और मृत व्यक्तियों के शवों को हाथ न लगाएं।”
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा, “विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), यूरोपीय रोग रोकथाम एवं नियंत्रण केंद्र तथा फ्रांस और कांगो के अधिकारियों सहित सभी साझेदार संस्थाएं समन्वित प्रयासों के माध्यम से इस प्रकोप पर नियंत्रण पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने भी चेतावनी दी कि जारी संघर्ष के कारण इस बीमारी पर नियंत्रण के प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “युद्ध के कारण इबोला से लड़ाई कहीं अधिक कठिन हो जाती है। इससे प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच बाधित होती है, संपर्क में आए लोग बिखर जाते हैं और भय एवं अविश्वास के कारण लोग छिपने को मजबूर हो जाते हैं।”