भोपाल:देश विरोधी गतिविधियों में अरेस्ट हुए संदिग्ध लोगों से एटीएस की पूछताछ में सामने आए दावों के अनुसार, नईम अब्दुल्ला कथित तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के पूर्व सरगनाओं ओसामा बिन लादेन और अल्जवाहरी के वीडियो, भाषण और उग्रवादी विचारों वाली डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल कर युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसी का दावा है कि यह प्रक्रिया अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे मानसिक प्रभाव बनाने वाले एक पैटर्न के तहत की जा रही थी।एटीएस के मुताबिक, पहले इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संपर्क बनाया जाता था, इसके बाद चुनिंदा सामग्री साझा कर कथित तौर पर विचारधारा को प्रभावित करने का प्रयास किया जाता था। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि क्या इस डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने, उन्हें समूहों में सक्रिय करने या किसी खास एजेंडे की ओर मोड़ने के लिए किया जा रहा था।जांचकर्ताओं के अनुसार, संदिग्धों के डिजिटल उपकरणों से मिली सामग्री की फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वैचारिक प्रभाव का दायरा कितना बड़ा था और कितने लोग इस संपर्क श्रृंखला से जुड़े थे।
