सिंगरौली: जिले की नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी द्वारा पदभार ग्रहण करते ही जारी किए गए एक आदेश ने विवाद खड़ा कर दिया है। 25 जून को जारी आदेश में जिले के सभी शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों एवं संस्था प्रमुखों को निर्देश दिए गए हैं कि सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना पत्रकारों एवं आम नागरिकों को विद्यालय परिसर में प्रवेश न दिया जाए। आदेश में इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शासकीय कार्यों में अनावश्यक व्यवधान रोकना बताया गया है।
हालांकि आदेश सामने आने के बाद पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि जिले की शिक्षा व्यवस्था पहले से ही विभिन्न शिकायतों और अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में पत्रकारों और आमजन के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे निर्देश पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रभावित कर सकते हैं। कई लोगों का आरोप है कि इस तरह के आदेश से विद्यालयों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक होने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
चर्चा यह भी है कि जिले में पहली बार किसी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पदभार ग्रहण करते ही इस प्रकार का आदेश जारी किया गया है। आदेश को लेकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सूचना के अधिकार और प्रशासनिक पारदर्शिता पर बहस तेज हो गई है। वहीं पत्रकार संगठनों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आदेश की समीक्षा कर इसे वापस लेने की मांग उठानी शुरू कर दी है। फिलहाल शिक्षा विभाग की ओर से इस विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
