जबलपुर: बरेला थाना अंतर्गत बाजार मोहल्ला में ससुराल पक्ष की लगातार प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर 36 वर्षीय मंजूलता साहू ने चूहामार दवा खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी पुलिस ने मर्ग जांच के बाद इस मामले में मृतिका के पति, सास, ससुर और जेठ के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 20 जून की रात लगभग 8:35 बजे बरेला निवासी मंजूलता साहू को उनके पति प्रवीण साहू ने गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान उसी रात करीब 9:30 बजे मंजूलता की मौत हो गई थी। मामला बरेला थाना क्षेत्र का था, इसलिए लॉर्डगंज पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर डायरी अग्रिम जांच के लिए थाना बरेला ट्रांसफर की गई थी।
बरेला पुलिस ने जब मर्ग डायरी को जांच में लेकर मृतिका के मायके पक्ष के बयान दर्ज किए, तो प्रताड़ना की खौफनाक कहानी सामने आई। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही पति प्रवीण साहू लगातार मारपीट कर मंजूलता को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करता था। इस जुल्म में उसके ससुर मोहन लाल साहू, सास सुशीला बाई साहू और जेठ नीरज साहू भी प्रवीण का ही पक्ष लेते थे। कई बार परेशान होकर मंजूलता मायके आ जाती थी, लेकिन प्रवीण उसे समझा-बुझाकर वापस ले जाता और कुछ दिन बाद फिर वही क्रूरता शुरू कर देता था।
बेटे ने खोले प्रताड़ना के राज
मामले में मृतिका के बेटे सूर्यांश साहू के बयान ने प्रताड़ना के राज खोले। सूर्यांश ने पुलिस को बताया, घटना की रात मैं दादी के साथ घर के ऊपर सोया था। सुबह करीब 7 बजे पापा ने मुझे उठाया और फोर व्हीलर गाड़ी से मुझे और मम्मी को नेशनल अस्पताल लेकर गए। रास्ते में मम्मी के पेट और सीने में तेज दर्द हो रहा था। अस्पताल में डॉक्टरों के पूछने पर मम्मी ने खुद बताया था कि उन्होंने चूहामार दवाई खाई है।
मासूम ने यह भी बताया कि घटना से तीन-चार दिन पहले पापा ने गुस्से में मम्मी का मोबाइल भी पटक कर तोड़ दिया था। मर्ग की पूरी जांच, गवाहों के बयान आधार पर पुलिस ने पाया कि पति प्रवीण साहू, ससुर मोहन लाल साहू, सास सुशीला साहू और जेठ नीरज साहू की प्रताड़ना से मजबूर होकर ही मंजूलता ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
