मुंबई, बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर शम्मी कपूर न केवल अपनी बेमिसाल डांस शैली के लिए जाने गए, बल्कि तकनीक और सोशल मीडिया की दुनिया में भी वे अपनी पीढ़ी से बहुत आगे थे।
‘भारत के एल्विस प्रेस्ली’ कहे जाने वाले इस महान एक्टर ने पर्दे पर अपनी असीम ऊर्जा से हर तरह के दिल में जगह बनाई। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ शानदार एक्टिंग और अनोखे डांस तक सीमित नहीं थी। वे तकनीकी रूप से बेहद जागरूक और नई तकनीक को अपनाने वाले दूरदर्शी एक्टर थे।
शम्मी कपूर का जन्म एक फेमस फिल्मी घराने में हुआ था। इसके बावजूद उन्हें अपने पिता पृथ्वीराज कपूर से कोई आसान लॉन्चिंग नहीं मिली। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत पृथ्वी थिएटर में एक मामूली जूनियर आर्टिस्ट के रूप में की थी।
करियर की शुरुआत में उस समय उन्हें महज 50 रुपये प्रति महीने का वेतन मिलता था। 4 साल तक लगातार मेहनत करने और अनुभव हासिल करने के बाद, वर्ष 1952 में वे 300 रुपये महीने के वेतन पर दूसरी नौकरी में शामिल हुए थे।
एक्टिंग के अलावा शम्मी कपूर को नई तकनीक से गहरा लगाव था। जब देश में इंटरनेट अपनी शुरुआती अवस्था में था, तब उन्होंने इसे पूरी तरह अपना लिया था। वे भारत में इंटरनेट यूजर्स के ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष भी रहे।
शम्मी कपूर ने एथिकल हैकर्स एसोसिएशन की स्थापना में बहुत अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पूरे कपूर परिवार को समर्पित एक विशेष वेबसाइट खुद बनाई थी, जहां परिवार के हर सदस्य की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाती थी। (
उन्हें कभी किसी पेशेवर कोरियोग्राफर की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि वे अपने डांस स्टेप्स खुद ही तैयार करते थे। उनकी इसी अनोखी शैली और पीछे की तरफ सवरे हुए बालों के कारण लोग उन्हें भारत का एल्विस प्रेस्ली कहने लगे थे।
साल 1955 में फिल्म रंगीन रातें के सेट पर शम्मी कपूर की मुलाकात गीता बाली से हुई थी। महज 4 महीने की पहचान के बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन साल 1965 में चेचक की बीमारी के कारण गीता बाली का असमय निधन हो गया।
इस दुखद घटना ने एक्टर को गहरे डिप्रेशन में धकेल दिया। इसके 4 साल बाद, साल 1969 में उन्होंने नीला देवी से शादी कर ली। नीला देवी ने बिना अपनी संतान पैदा किए, शम्मी कपूर के दोनों बच्चों को अपनी सगी मां की तरह पाला और अपना वादा निभाया।
