
राजगढ़। राजगढ़ जिले के खिलचीपुर जनपद पंचायत में सुदूर सडक़ निर्माण की फाइलों को लेकर हुआ विवाद थाने तक पहुंच गया है. प्रभारी सहायक यंत्री विनय कुशवाह की शिकायत पर खिलचीपुर पुलिस ने जनपद अध्यक्ष सीमा नैनावत के पति सुनील नैनावत के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है.
वहीं सुनील नैनावत ने आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल स्वीकृत सुदूर सडक़ों की फाइलें आगे बढ़ाने को कहा था. पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी.
प्रभारी सहायक यंत्री विनय कुशवाह ने खिलचीपुर पुलिस को बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे सुनील नैनावत ने उन्हें फोन कर जनपद अध्यक्ष के चेंबर में बुलाया. वहां उनसे कुछ ऐसे कार्य करने के लिए कहा गया जो शासकीय नियमों के विरूद्ध थे. जिनको करने से इंकार करने पर विवाद हो गया. आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई. इसके बाद गुरुवार रात खिलचीपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने धारा 132, 296(बी) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है. सुनील नैनावत ने बताया कि खिलचीपुर जनपद की पंचायतों में करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से 15 सुदूर सडक़ें स्वीकृत हुई हैं. इनमें ग्राम पंचायत चितावलिया, बाजरोन और लसुलड़ी की सुदूर सडक़ निर्माण की फाइलें आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने प्रभारी सहायक यंत्री को चर्चा के लिए जनपद अध्यक्ष के चेंबर में बुलाया था.
उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान सहायक यंत्री ही बहस करने लगे और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. घटना के समय चेंबर में तीन अन्य लोग भी मौजूद थे, जो पूरे घटनाक्रम के गवाह हैं. उन्होंने राजगढ़ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
अध्यक्ष का कहना- पति को फंसाया जा रहा
जनपद अध्यक्ष सीमा नैनावत ने कहा कि उनके पति निर्दोष हैं. उन्होंने किसी अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया. उन्हें बेवजह इस मामले में आरोपी बनाया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके. फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के कथन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है. जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
