भोपाल: भारतीय रिज़र्व बैंक के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के उपलक्ष्य में होटल रेडिसन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया. जिसमें महिला उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया, जिमसें 150 से अधिक महिला उद्यमी, बैंकर, सरकारी अधिकारी और उद्योग संघों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
कार्यक्रम के शुभारंभ में भारतीय रिज़र्व बैंक के उप महाप्रबकंध विक्रम बीएस राजपूत ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को रेखांकित किया.
भारतीय रिज़र्व बैंक क्षेत्रीय निदेशक व मुख्य अतिथि सुजाता लाल ने अर्थव्यवस्था में एमएसएमई की भूमिका पर विशेष जोर दिया.सुजाता ने कहा कि एमएसएमई भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इस योजना से महिला न केवल अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाती हैं, बल्कि समाज और देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाती हैं. इस अवसर पर सहायक महाप्रबंधक, पहल भारतीय रिजर्व बैंक पूर्वी श्रीवास्तव ने एमएसएमई वित्तपोषण के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक की जानकारी साझा की.
सहायक निदेशक एमएसएमई- डीएफओ नीलेश त्रिवेदी ने भारत सरकार की एमएसएमई योजनाओं और विशेषकर महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध सब्सिडी कार्यक्रमों पर जानकारी प्रदान की. एसबीआईएलडी, ट्रांसयूनियन सिबिल एवं सिडबी के प्रतिनिधियों ने ऋण सुलभता की बाधाओं और व्यावहारिक समाधानों पर विचार-विमर्श किया. प्रश्नोतर सत्र में प्रतिभागियों की जमीनी स्तर की चुनौतियों और व्यावहारिक समाधानों पर संवाद किया गया.
