ईरान को होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकतीः मार्को रुबियो

वाशिंगटन, 25 जून (वार्ता) अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को चेतावनी दी कि यदि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की अनुमति दी गयी, तो इससे पूरी दुनिया में अराजकता फैल जायेगी।

श्री रुबियो ने बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की बैठक में तर्क दिया कि रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरानी शुल्क को स्वीकार करने से दुनिया के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही कार्रवाइयों को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह अन्य जलमार्गों के लिए अंतरराष्ट्रीय नौवहन के बुनियादी सिद्धांतों को पलटने का एक गलत उदाहरण बनेगा और वैश्विक अस्थिरता का जोखिम पैदा करेगा।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग किसी एक देश के नहीं होते हैं। यह आज की दुनिया का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसके बिना पूरी दुनिया में पूरी तरह अराजकता फैल जायेगी। अगर वास्तव में हम यह स्वीकार कर लेते हैं कि आप किसी अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का उपयोग करने के लिए सिर्फ इसलिए पैसे वसूल सकते हैं क्योंकि वह आपके क्षेत्र के करीब है, तो यह महामारी की तरह पूरी दुनिया में फैल जायेगा।”

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, श्री रुबियो की यह टिप्पणी अमेरिका और ईरान के बीच महीनों पुराने युद्ध को समाप्त करने और व्यापक समझौते के लिए 60 दिनों की वार्ता प्रक्रिया शुरू करने के लिए हस्ताक्षरित समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य के प्रशासन को लेकर चल रही बहस के बीच आयी है।

ईरान ने सुझाव दिया है कि शुरुआती बातचीत की अवधि के दौरान वाणिज्यिक यातायात शुल्क-मुक्त रहेगा, लेकिन वह बाद में जलमार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने का प्रयास कर सकता है। इस प्रस्ताव ने क्षेत्र के देशों और अंतरराष्ट्रीय नौवहन उद्योग के बीच चिंताएं बढ़ा दी हैं।

समझौते के बाद अपने पहले क्षेत्रीय दौरे पर आए श्री रुबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका, ईरान के साथ एक स्थायी समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अमेरिका ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा जो क्षेत्रीय सुरक्षा से समझौता करता हो।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया, “यद्यपि हम एक समझौता चाहते हैं, लेकिन हम किसी भी कीमत पर समझौता नहीं चाहते हैं। हम ऐसा समझौता चाहते हैं जो अच्छा हो, वास्तविक हो, प्रामाणिक हो और जिसका पालन किया जाए।” इससे पहले कुवैत में श्री रुबियो ने खाड़ी देश के सहयोगियों को आश्वस्त करने का प्रयास किया था कि ईरान के साथ अमेरिकी कूटनीति में उनके हित सर्वोपरि रहेंगे।

कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में नेताओं के साथ बैठकों के बाद बहरीन पहुंचे श्री रुबियो से जीसीसी अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री नौवहन और अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले चरण पर चर्चा करने की उम्मीद है। हालांकि अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौता युद्धविराम बनाए रखने, समुद्री मार्गों को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है, लेकिन यह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों पर खाड़ी देशों की चिंताओं को सीधे संबोधित नहीं करता है।

इसके बावजूद श्री रुबियो ने दोहराया कि अमेरिका ऐसी कोई व्यवस्था नहीं करेगा जिससे उसके क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा कमजोर हो।

 

 

 

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