नयी दिल्ली 25 जून (वार्ता) केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में संघर्ष रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने के बाद औद्योगिक एवं वाणिज्यिक एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करते हुए गैर-घरेलू पैक्ड एलपीजी की आपूर्ति पर सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध को हटा दिया है और पश्चिम एशिया संकट से पूर्व की आपूर्ति स्थिति बहाल कर दी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि इसके अलावा एलपीजी की बल्क आपूर्ति, जिसे संकट की शुरुआत में निलंबित कर दिया गया था को भी संकट-पूर्व खपत स्तरों के 50 प्रतिशत तक बहाल किया गया है जिससे वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। यह बहाली हाल ही में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति में सुधार के बाद की गयी है।
पश्चिम-एशिया संकट के दौरान, घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए, सरकार ने अनिवार्य वस्तु अधिनियम के अंतर्गत आदेश जारी किये थे, जिनमें सी3-सी4 स्ट्रीम को केवल एलपीजी उत्पादन के लिए इस्तेमाल करना था उन्हें पेट्रोकेमिकल एवं अन्य डाउनस्ट्रीम कामों से हटाकर इसके लिए उपयोग करना था।
देश में एलपीजी के बेहतर उत्पादन और आयातित एलपीजी कार्गो की अनुमानित उपलब्धता के मद्देनजर सरकार ने एलपीजी पूल में सी3-सी4 स्ट्रीम में परिवर्तन को कम करने का भी निर्णय लिया है।
एलपीजी के अलावा दूसरे कामों के लिए सी3-सी4 स्ट्रीम का बढ़ा हुआ आवंटन लागू किया जायेगा लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जायेगा कि घरेलू एलपीजी की उपलब्धता पर कोई असर न पड़े और देश में एलपीजी का कुल उत्पादन प्रतिदिन कम से कम 40 लाख टन बना रहे।
मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र को पेट्रोकेमिकल तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए उन्नत सी3-सी4 स्ट्रीम का संगठनवार आवंटन जारी करने एवं मंत्रालय को नियमित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति बाधा उत्पन्न होने के बाद सरकार ने पूरे देश में घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की है। जिसके बाद कुछ समय के लिए वाणिज्यिक पैक एलपीजी की आपूर्ति पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गये थे। तेल विपणन कंपनियों के समन्वित प्रयासों ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक आपूर्ति शृंखला होने के बावजूद आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने में मदद की।
सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे औद्योगिक एवं वाणिज्यिक एलपीजी ग्राहकों का पूरा डेटा बनाए रखें जिससे कुशल योजना और आपूर्ति प्रबंधन को सुगम बनाया जा सके। तेल विपणन कंपनियों के बीच एक एकीकृत क्षेत्रीय डेटाबेस भी रखा जाएगा ताकि निगरानी एवं संचालन समन्वय को मजबूत किया जा सके।
साथ ही, सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस कनेक्शन का विस्तार करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। वाणिज्यिक एवं थोक उपभोक्ता, जो पहले ही पीएनजी पर स्थानांतरित हो चुके हैं वे पीएनजी का ही उपयोग करेंगे। अन्य पात्र एलपीजी उपभोक्ता, जिन्हें पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है या जो पीएनजी पर स्थानांतरित होने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के समन्वय से चरणबद्ध रूप से पीएनजी पर स्थानांतरित किया जायेगा।
इस संबंध में, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर संशोधित आपूर्ति व्यवस्थाओं का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
यह निर्णय सरकार के राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के सजग दृष्टिकोण को दर्शाता है, साथ ही देश की ऊर्जा आवश्यकताओं तथा साफ, सुरक्षित एवं अधिक कुशल ईंधनों तक पहुंच बढ़ाने की उसके निरंतर प्रतिबद्धता को भी प्रतिबिंबिंत करता है।
