
नीमच/जावद। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मध्यप्रदेश के नीमच जिले में देश की सबसे बड़ी मादक पदार्थ विनष्टीकरण कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। तस्करों से जब्त किए गए लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य के 40 टन से अधिक मादक पदार्थों और मन:प्रभावी औषधियों को वैज्ञानिक एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नष्ट कर दिया गया।
यह ऐतिहासिक कार्रवाई सीबीएन नीमच एवं कोटा (राजस्थान) के अधिकारियों की निगरानी में गठित उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा की गई। जब्त मादक पदार्थों को नीमच जिले के खोर स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के अत्याधुनिक बॉयलर में 1700 से 1800 डिग्री सेल्सियस तापमान पर जलाकर पूरी तरह नष्ट किया गया। इस दौरान मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने पर्यावरणीय मानकों के पालन की निगरानी की।
29 मामलों की जब्त खेप का विनष्टीकरण
सीबीएन अधिकारियों के अनुसार एनडीपीएस अधिनियम 1985 एवं भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत 29 विभिन्न प्रकरणों में जब्त मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया गया। नष्ट किए गए पदार्थों में 21,521.150 किलोग्राम पोस्ता भूसा, 8,555 किलोग्राम अफीम ब्लैक सीड्स, 15 किलोग्राम हेरोइन, 44.755 किलोग्राम मेफेड्रोन, 352 ग्राम ब्राउन शुगर तथा 631 ग्राम अल्प्राजोलम पाउडर शामिल हैं।
इसके अलावा बड़ी मात्रा में मन:प्रभावी औषधियों को भी नष्ट किया गया, जिनमें 67,346 बोतल कोडीन फॉस्फेट सिरप, 1,39,260 ट्रामाडोल टैबलेट, 1,04,495 पेंटाजोसिन इंजेक्शन, 1,47,095 बुप्रेनॉर्फिन एम्प्यूल्स, 1,95,380 लोराजेपाम टैबलेट, 1,83,200 क्लोनाजेपाम टैबलेट तथा 1,61,800 अल्प्राजोलम टैबलेट शामिल हैं।
37.649 किलो अफीम फैक्ट्री भेजी जाएगी
अधिकारियों ने बताया कि आठ अन्य प्रकरणों में जब्त कुल 37.649 किलोग्राम अफीम को विनष्टीकरण के बजाय नियमानुसार अफीम एवं अल्कलॉइड फैक्ट्री, नीमच में जमा कराया जाएगा। यह प्रक्रिया मादक पदार्थों के वैधानिक प्रबंधन के तहत की जाती है।
नशा तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश
सीबीएन अधिकारियों ने कहा कि जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध विनष्टीकरण न केवल इनके दोबारा दुरुपयोग की संभावनाओं को समाप्त करता है, बल्कि समाज को नशे की बुराइयों से मुक्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध उसकी कार्रवाई भविष्य में भी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जारी रहेगी।
अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशा मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
प्रमुख तथ्य –
– लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ नष्ट
– 29 प्रकरणों में जब्त 40 टन से अधिक ड्रग्स एवं नशीले पदार्थों का विनष्टीकरण
– 21.5 टन से अधिक पोस्ता भूसा और 8.5 टन अफीम ब्लैक सीड्स नष्ट
– 15 किलो हेरोइन और 44.755 किलो मेफेड्रोन भी आग के हवाले
– 67 हजार से अधिक कोडीन सिरप और लाखों नशीली गोलियां नष्ट
– 37.649 किलो अफीम नियमानुसार नीमच अफीम फैक्ट्री भेजी जाएगी
यह कार्रवाई मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ देशव्यापी अभियान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
