केरल में 5 साल से कम उम्र के 19.8 लाख बच्चों को दी जाएगी पोलियो की दवा

तिरुवनंतपुरम, 25 जून (वार्ता) केरल के पोलियो-मुक्त दर्जे को बनाए रखने की बड़ी कोशिश के तहत 28 जून को पूरे राज्य में ‘पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान’ शुरू किया जाएगा। इस अभियान में 5 साल से कम उम्र के लगभग 20 लाख (19.8 लाख) बच्चों को शामिल किया जाएगा।

स्वास्थ्य और देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा है कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे यह सुनिश्चित करें कि रविवार को हर पात्र बच्चे को जीवन बचाने वाली ओरल पोलियो वैक्सीन (मुंह से दी जाने वाली दवा) मिले।

राज्य-स्तरीय उद्घाटन समारोह तिरुवनंतपुरम के थायकाड स्थित ‘मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल’ में सुबह 8 बजे होगा। परिवहन मंत्री सी. पी. जॉन इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में सांसद शशि थरूर, तिरुवनंतपुरम के मेयर वी. वी. राजेश और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

इस अभियान के दौरान पांच साल से कम उम्र के कुल 1,980,224 बच्चों को कवर किए जाने की उम्मीद है। इसे पूरा करने के लिए, स्वास्थ्य विभाग ने पूरे राज्य में 22,288 वैक्सीनेशन बूथ बनाए हैं और 46,663 प्रशिक्षित स्वयंसेवकों को तैनात किया है।

टीकाकरण बूथ सरकारी अस्पतालों, हेल्थ सेंटर्स, फैमिली हेल्थ सेंटर्स, अर्बन हेल्थ सेंटर्स, आंगनवाड़ियों, प्राइवेट अस्पतालों, स्कूलों, लाइब्रेरी और आसानी से पहुँचने लायक दूसरी सार्वजनिक जगहों पर काम करेंगे।

यह पक्का करने के लिए कि कोई भी बच्चा छूट न जाए, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और बोट जेट्टी पर 539 ट्रांजिट बूथ काम करेंगे, जबकि 283 मोबाइल बूथ प्रवासी मज़दूरों की बस्तियों, दूर-दराज़ के इलाकों, त्योहारों की जगहों और लोगों के जमा होने वाली दूसरी जगहों पर जाएँगे। मेलों और त्योहारों में भी खास बूथ लगाए जाएँगे।

अधिकारियों ने बताया कि भारत पिछले 15 सालों से वाइल्ड पोलियो वायरस से मुक्त रहा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए इसे दोबारा फैलने से रोकने के लिए लगातार टीकाकरण ज़रूरी है।

लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए राज्य भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें घर-घर जाकर जानकारी देना, पोस्टर लगाना और सार्वजनिक सूचनाएं जारी करना शामिल है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए कोल्ड-चेन सुविधाओं और वैक्सीन स्टोर करने की व्यवस्था को भी पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।

जो बच्चे ‘पल्स पोलियो डे’ पर टीका नहीं लगवा पाएंगे, उन्हें 29 और 30 जून को घर-घर जाकर टीका लगाया जाएगा। यह अभियान स्वास्थ्य कर्मियों, आशा (आशा) स्वयंसेवकों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों, कुडुम्बश्री सदस्यों और कई सरकारी विभागों व स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से चलाया जा रहा है।

 

 

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