सतना: मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने बुधवार को नगर पालिक निगम सतना कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के नगरीय निकायों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की।
डॉ. जाटव ने निर्देश दिए कि नगरीय निकाय अपनी स्वयं की आय का 18 प्रतिशत भाग अनुसूचित जाति बहुल बस्तियों के विकास कार्यों पर व्यय करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होने पर डीमैट फंड से राशि प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वच्छता कर्मचारियों को सुरक्षा एवं स्वच्छता किट उपलब्ध कराने तथा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में नगर पालिक निगम सतना आयुक्त डॉ. शेर सिंह मीना, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग अरुण शुक्ला, स्वास्थ्य अधिकारी अरविंद प्रताप सिंह, योजना प्रभारी दीपक शर्मा, सतना जिलान्तर्गत सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के साथ नगर पालिक निगम सतना की योजना शाखा के अधिकारी उपस्थित रहे।
नशा मुक्ति केंद्र पर विचार
बैठक के दौरान डॉ. जाटव ने नगर निगम को नशा मुक्ति केंद्र प्रारंभ करने पर विचार करने की सलाह दी। साथ ही महिला कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए उनकी ड्यूटी यथासंभव दोपहर बाद लगाने के निर्देश दिए, जिससे वे अपने बच्चों को विद्यालय भेजने एवं वापस लाने की जिम्मेदारी सुचारू रूप से निभा सकें।
