
जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने बुधवारको जबलपुर दौरे के दौरान ओबीसी आरक्षण और जबलपुर एयरपोर्ट के नामकरण के मुद्दे पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की मंशा ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की नहीं है, वह केवल कानूनी प्रक्रियाओं का हवाला देकर लोगों को भ्रमित कर रही है।
मीडिया से अनौपचारिक चर्चा करते हुए सिंगार ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी अर्जी वापस लेकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह ओबीसी वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा यह ओबीसी समाज के हक के साथ खिलवाड़ है। सरकार केवल बहाने बना रही है, जबकि प्रदेश का बड़ा वर्ग अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहा है।
“डबल इंजन सरकार जवाब दे”
जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर किए जाने की मांग को लेकर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार है तो नामकरण में देरी का कोई औचित्य नहीं है।
सिंगार ने सवाल किया, “आखिर डबल इंजन सरकार कहां है? यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो केवल घोषणाएं करने के बजाय नामकरण की निश्चित तारीख घोषित करे। जनता अब वादे नहीं, ठोस निर्णय चाहती है।”
राजनीतिक सरगर्मियां तेज
नेता प्रतिपक्ष के इस बयान के बाद प्रदेश में ओबीसी आरक्षण और जबलपुर एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग कर रही है, जबकि प्रदेश सरकार का कहना है कि मामला न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़ा होने के कारण नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।
