नयी दिल्ली, 24 जून (वार्ता) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए देशभर में अवैध पार्किंग तथा अतिक्रमण के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को यहां बताया कि यह पहल उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शुरू की गई है और इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, सुगम तथा उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। एनएचएआई ने विभिन्न राज्यों में अवैध पार्किंग के 595 संवेदनशील स्थानों की पहचान की है और उन्हें हटाने के लिए राज्य सरकारों, जिला प्रशासन तथा प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जा रही है।
मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और अनियंत्रित गतिविधियां सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं तथा यातायात प्रवाह को प्रभावित करती हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए एनएचएआई राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि एवं यातायात नियंत्रण) अधिनियम, 2002 के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी कर रहा है। संस्थागत समन्वय को मजबूत बनाने के लिए एनएचएआई राज्य सरकारों के सहयोग से जिला राजमार्ग सुरक्षा कार्यबलों के गठन और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे सुरक्षा संबंधी मुद्दों की निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सकेगा।
एनएचएआई ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) के सभी उपकरणों का तत्काल ऑडिट करने और यातायात निगरानी कैमरे, वीडियो घटना पहचान प्रणाली, गति निगरानी प्रणाली, परिवर्तनीय संदेश संकेतक तथा आपातकालीन कॉल बॉक्स जैसी सुविधाओं को पूरी तरह चालू रखने के निर्देश दिये हैं। इसके अलावा एंबुलेंस और रिकवरी वाहनों की तैनाती, राजमार्ग गश्त को सुदृढ़ करने, एटीएमएस अलर्ट को प्रवर्तन एजेंसियों से जोड़ने तथा सुरक्षा अवसंरचना के रखरखाव को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया, प्रभावी प्रवर्तन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एनएचएआई ने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षित, निर्बाध और कुशल यातायात व्यवस्था विकसित करने की उसकी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

