भोजपुर | भोजपुर जिले के बिलौटी गाँव में तथाकथित एनकाउंटर में मारे गए 28 वर्षीय भरत भूषण तिवारी के न्याय के लिए आज एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया है। इसमें बिहार समेत देश के कई राज्यों से हजारों लोग और विभिन्न संगठन शामिल हुए हैं, जो घटना की निष्पक्ष जाँच और सख्त कानूनी कार्रवाई की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
परिवार के गंभीर आरोप
मृतक की माँ ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके बेटे ने आत्मसमर्पण कर दिया था और हथियार फेंकने के बावजूद उसे पाँच गोलियाँ मारी गईं। परिवार की शिकायत पर बिहार सरकार ने मामले में न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए हैं और एसडीपीओ व शाहपुर एसएचओ समेत पाँच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
भरत तिवारी मामले को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में खींचतान बढ़ गई है। जहाँ जेडीयू सांसद ने पुलिसिया एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस कार्रवाई का बचाव करते हुए मामले को जातिवादी मानसिकता से प्रेरित बताया है। फिलहाल, क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

