भोपाल। आम नागरिकों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस ने संभाग स्तर पर पुलिस प्रशिक्षण कार्यशालाओं की श्रृंखला शुरू की है। इसकी शुरुआत इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में आयोजित इंदौर संभाग की पहली कार्यशाला से हुई।
कार्यशाला का आयोजन अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (इंटेलिजेंस) ए. साई मनोहर के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) तरुण नायक के पर्यवेक्षण में किया गया। इसमें इंदौर संभाग के सभी आठ जिलों के पासपोर्ट सत्यापन कार्य से जुड़े पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में इंदौर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह, भोपाल एवं इंदौर के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों के अधिकारियों तथा टीसीएस के तकनीकी विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण बनाने पर जोर दिया गया।
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने कहा कि पासपोर्ट सत्यापन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, जनविश्वास और जवाबदेही से जुड़ा महत्वपूर्ण दायित्व है। पासपोर्ट अधिकारी सुतांशु चौरसिया ने बताया कि वर्ष 2024 और 2025 में पासपोर्ट सत्यापन के प्रदर्शन में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा, जिसका श्रेय पुलिस और पासपोर्ट विभाग के बीच बेहतर समन्वय को जाता है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशालाएं आगामी चरणों में प्रदेश के अन्य संभागों में भी आयोजित की जाएंगी।
