

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NAFED) के ई-ऑक्शन पोर्टल NAFEX.in का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही NAFED आज पारदर्शी व्यवस्था और सरकारी सहयोग के कारण 74 लाख से अधिक किसानों से जुड़ी संस्था बन चुकी है। इसका कारोबार अब 30 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है और लाभ 500 करोड़ रुपये तक बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि NAFED ने NAFEX.in, DRISHTI, ERP और NAFED कल्याण जैसी चार प्रमुख पहलों की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में किसान अपनी दालों और अन्य कृषि उपज को सीधे NAFED और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (NCCF) को बेच सकें और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचे।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि दालों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए किसानों से प्रत्येक दाने की सीधी खरीद जरूरी है। इससे किसानों को उचित मूल्य मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
उन्होंने कहा कि NAFED अब केवल कृषि उपज खरीदने वाली संस्था नहीं रह गई है, बल्कि जैविक खेती, बीज उत्पादन, खुदरा व्यापार, जैव उर्वरक निर्माण, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो वर्षों में NAFED का कारोबार 50 हजार करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।
अमित शाह ने बताया कि NAFED अपने मुनाफे का एक प्रतिशत किसान परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा और करियर विकास के लिए छात्रवृत्ति में लगाएगी।
कार्यक्रम की शुरुआत में अमित शाह ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने एक देश, एक संविधान, एक प्रमुख के सिद्धांत के लिए अपना बलिदान दिया। शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू Article 370 के विरोध में उन्होंने आंदोलन किया और आज उनका सपना पूरा हुआ है।
