प्योंगयांग, 27 अप्रैल (वार्ता) उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जॉन्ग उन ने सोमवार को कहा कि उनका देश रूस की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों की रक्षा से जुड़ी नीतियों का लगातार समर्थन करता रहेगा तथा उसके साथ सैन्य सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोउसॉव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उस स्मारक के पूरा होने के समारोह में भाग लिया, जो रूस के कुर्स्क क्षेत्र में लड़ाई के दौरान मारे गये उत्तर कोरियाई सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है। वर्ष 2024 में कुर्स्क क्षेत्र में यूक्रेनी बलों की घुसपैठ के बाद वहां संघर्ष तेज हुआ था।
श्री जोंग उन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों ने रूसी बलों के साथ मिलकर “आक्रमणकारियों का सफाया” किया और इसे अमेरिका तथा पश्चिमी देशों की वर्चस्ववादी महत्वाकांक्षाओं और सैन्य दुस्साहस को विफल करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया की सरकार हमेशा की तरह रूस की राष्ट्रीय संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा हितों की रक्षा संबंधी नीतियों का पूर्ण समर्थन करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रूसी सेना और जनता उस संघर्ष में विजय प्राप्त करेगी, जिसे उन्होंने “न्यायपूर्ण और पवित्र युद्ध” बताया।
उन्होंने कहा कि श्री बेलोउसॉव की यात्रा दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच संबंधों के राजनीतिक महत्व को दर्शाती है और यह स्मारक दोनों देशों के संयुक्त संघर्ष के इतिहास को संरक्षित करेगा। उन्होंने रूस के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मॉस्को ने दोनों देशों के संबंधों को विकसित करने में ईमानदारी दिखाई है। रूसी रक्षा मंत्री बेलोउसॉव ने इस समारोह में कहा कि उत्तर कोरियाई सैनिकों द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय वीरता और साहस दोनों देशों की सैन्य मित्रता के इतिहास में दर्ज रहेगा। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा की तथा राजनीतिक और सैन्य सहयोग को और व्यापक बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम प्योंगयांग और मॉस्को के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों तथा वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच उभरते सैन्य समीकरणों को रेखांकित करता है।

