नयी दिल्ली, 22 जून (वार्ता) दिल्ली सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 नयी सेवाओं को दिल्ली राइट ऑफ सिटिजन टू टाइम बाउंड डिलीवरी ऑफ सर्विसेज एक्ट, 2011 के तहत समयबद्ध सेवा वितरण व्यवस्था में शामिल किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि इस निर्णय से आम नागरिकों के साथ-साथ उद्योग, व्यापार, होटल, पर्यटन, निर्माण और सेवा क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों तथा आम जन को सीधे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य नागरिकों और कारोबारियों को सरकारी सेवाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना है। अब विभिन्न विभागों से मिलने वाली महत्वपूर्ण अनुमतियां, लाइसेंस, पंजीकरण और अनापत्ति प्रमाणपत्र तय समय सीमा के भीतर जारी किये जायेंगे।
इससे अनावश्यक देरी और कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या में कमी आयेगी। सरकार देश की राजधानी दिल्ली को निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। समयबद्ध सेवा वितरण व्यवस्था न केवल नागरिकों का अधिकार सुनिश्चित करेगी बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही को भी मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए लगातार सुधार किये गये हैं। केंद्र सरकार की इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार भी ऐसी व्यवस्थाएं विकसित कर रही है जिनसे उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र को अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
अब नयी व्यवस्था के अंतर्गत श्रम विभाग में फैक्टरी योजना स्वीकृति 15 दिनों में और दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत पंजीकरण केवल एक दिन में किया जायेगा। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सीवरेज कनेक्शन 15 दिनों में उपलब्ध कराया जायेगा, जबकि दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम द्वारा फिल्म शूटिंग की अनुमति 15 दिनों के भीतर प्रदान की जायेगी। इसके अलावा ऊर्जा विभाग के अंतर्गत बिजली मीटर से संबंधित आवेदन और कनेक्शन समझौते की प्रक्रिया 60 दिनों में पूरी की जायेगी। विधिक माप विज्ञान के अंतर्गत दुकानों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले तौल-माप उपकरणों के पंजीकरण का कार्य 45 दिनों में पूरा किया जायेगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अंतर्गत बैटरी अपशिष्ट के संग्रहण, भंडारण, परिवहन एवं पुनर्चक्रण से संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक प्राधिकरण-पत्र (ऑथराइजेशन) 15 दिनों में जारी किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नगर निगम से संबंधित सेवाओं में वाटर स्पोर्ट्स एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स संचालकों के पंजीकरण तथा मनोरंजन पार्क संचालन की सहमति 60 दिनों में, खाद्य व्यवसाय के लिए राज्य लाइसेंस के लिए स्थानीय निकाय का एनओसी 60 दिनों में, होटल पंजीकरण या संचालन अनुमति 60 दिनों में तथा बूचड़खाना लाइसेंस 60 दिनों में जारी किया जायेगा। मोबाइल टावर स्थापना की अनुमति 30 दिनों में तथा निर्माण सामग्री भंडारण की स्वीकृति केवल एक दिन में उपलब्ध करायी जायेगी।
कृषि विभाग द्वारा कीटनाशक नियंत्रण संचालन लाइसेंस, बिक्री पंजीकरण और बीज लाइसेंस की प्रक्रियाएं 21-21 दिनों में पूरी की जायेंगी। आबकारी विभाग के अंतर्गत बार लाइसेंस 30 दिनों में, आईएमएफएल श्रेणी के ब्रैंड/लेबल पंजीकरण 42 दिनों में और एफएल श्रेणी के ब्रांड/लेबल पंजीकरण 42 दिनों में किये जायेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट के तहत वृक्ष कटान संबंधी अनुमति के आवेदनों पर 60 दिनों के भीतर निर्णय लिया जायेगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा रोड कटिंग और उससे जुड़े अन्य कार्यों से संबंधित अनुमति 45 दिनों में प्रदान की जायेगी।

