बालाघाट: पूर्व सांसद 3 बार के विधायक कंकर मुंजारे द्वारा गर्रा ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर उनके विरुद्ध दर्ज प्रकरण को गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। पार्टी का कहना है कि मुंजारे ने किसी समाज या महापुरुष का अपमान नहीं किया, बल्कि यह तर्क रखा कि बालाघाट जिले में निर्मित पुल का नाम ऐसे स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, समाज सुधारक या जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुष के नाम पर रखा जाना चाहिए, जिनका इस क्षेत्र से सीधा संबंध रहा हो। पार्टी के अनुसार राजा भोज भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण शासक रहे हैं और उनका सम्मान सभी करते हैं, लेकिन किसी सार्वजनिक निर्माण के नामकरण पर वैकल्पिक राय रखना लोकतांत्रिक अधिकार है।
किसी विषय पर असहमति या सुझाव को धार्मिक भावनाओं से जोड़कर आपराधिक प्रकरण दर्ज करना उचित नहीं माना जा सकता। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इंजी कमलेश टेकाम ने कहा कि बालाघाट की धरती वीरों, स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों की कर्मभूमि रही है। ऐसे में स्थानीय अस्मिता, इतिहास और क्षेत्र के महापुरुषों को सम्मान देने की मांग को अपराध की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी ने प्रशासन से निष्पक्षता बरतने और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि विचारों का जवाब संवाद और तर्क से दिया जाना चाहिए, मुकदमों से नहीं।
कंकर मुंजारे के विरुद्ध धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज प्रकरण को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार बताते हुए प्रकरण वापस लेने की मांग की है। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने जारी बयान में कहा कि इतिहास, जनहित और सार्वजनिक विषयों पर अपने विचार रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। मतभेदों का समाधान संवाद और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि आपराधिक प्रकरण दर्ज कर असहमति के स्वर को दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।पार्टी ने आरोप लगाया कि विचारों की लड़ाई को समाजों के बीच संघर्ष का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, जो सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। पार्टी ने सभी समाजों से शांति एवं संयम बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की मांग की है।गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह पूर्व सांसद कंकर मुंजारे के साथ खड़ी है तथा लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
