
उज्जैन। शहर के पुराने हरिफाटक मार्ग पर पर सड़कों और पुल का जहां जाल बिछाया जा चुका है वहां पर यूनिटी मॉल ने आकर ले लिया है,शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल का अवलोकन किया और इसकी विशेषताओं पर आधारित डॉक्यूमेंट्री तथा प्रेजेंटेशन देखा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मॉल की सराहना करते हुए कहा कि यह उज्जैन को नई पहचान देगा। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अनेकता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और इसी भावना को साकार करने के लिए पीएम एकता मॉल का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन विकास प्राधिकार ने वाकई तेजी से इसका निर्माण कराया है.
देश की विविधता एक मंच पर
पीएम एकता मॉल देश की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगा। यहां देश के विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध और पारंपरिक उत्पादों की बिक्री होगी। लगभग 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विशेष हस्तशिल्प, कला, वस्त्र और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और देशभर से आने वाले पर्यटकों को खरीदारी का बेहतर अवसर मिलेगा।
महाकाल के पास मॉल
महाकाल मंदिर के निकट स्थित यह मॉल बनने से धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं। सिंहस्थ-2028 को देखते हुए भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है। यहां आने वाले श्रद्धालु दर्शन के साथ खरीदारी, मनोरंजन और अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। इससे शहर की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और रोजगार के हजारों अवसर भी सृजित होंगे।
सड़क और पुल का जाल
पीएम एकता मॉल का स्थान चयन भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक माना जा रहा है। यह हरिफाटक ब्रिज के समीप स्थित है, जहां तक पहुंचने के लिए टू-लेन, फोर-लेन और सिक्स-लेन सड़कों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया जा चुका है। मॉल के आसपास स्मार्ट पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है, वहीं चार बड़े पुल और सिक्स लेन ब्रिज भी यातायात को सुगम बनाते हैं। चिंतामन गणेश मंदिर जाने का प्रमुख मार्ग भी यहीं से गुजरता है। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की निकटता इसे और अधिक उपयोगी बनाती है।
पर्यटन का बड़ा केंद्र
यूनिटी मॉल परिसर के आसपास तेजी से धार्मिक और पर्यटन अधोसंरचना विकसित की जा रही है। इसी क्षेत्र में महाकाल भक्त निवास का निर्माण भी चल रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर आवास सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं मॉल के पीछे श्रीकृष्ण लोक विकसित करने की योजना है, जहां भगवान श्रीकृष्ण की विराट प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इससे यह पूरा क्षेत्र धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन जाएगा।
70% काम पूरा
विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी और सीईओ संदीप सोनी ने बताया की इस मॉल में आधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, गेम जोन, कन्वेंशन सेंटर, होटल और अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य 70 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री के हाथों लोकार्पण
नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार अनुसार योजना पूर्ण होने के बाद इसके लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह उज्जैन के लिए एक और बड़ी उपलब्धि होगी।
