
उज्जैन. केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ विभिन्न विकास कार्यों, नगरीय योजनाओं और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर मंथन किया. श्री खट्टर ने कहा कि इंदौर का स्वच्छता मॉडल पूरे देश में लागू करेंगे.
इस दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने केंद्र और राज्य सरकार की साझा विकास योजनाओं की जानकारी दी. इस दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी मौजूद रहे. केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री दोनों ने शुक्रवार की शाम को ही बाबा महाकाल के दर्शन किए और सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल में रात्रि विश्राम किया. मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाकाल के आशीर्वाद से उज्जैन में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं. शहर में सड़क चौड़ीकरण, आधारभूत संरचना विस्तार और विभिन्न विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं तथा जनता भी इन कार्यों में सहयोग कर रही है.
मुक्त हस्त से देंगे राशि
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उनके मंत्रालय से जुड़े सभी विभागों की विस्तृत समीक्षा उज्जैन में की गई है. इसके लिए दिल्ली से भी वरिष्ठ अधिकारियों की टीम उज्जैन पहुंची. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 के दौरान जिन व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी, उनमें केंद्र सरकार पूरी भागीदारी निभाएगी और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा, मुक्त हस्त से उज्जैन के लिए राशि देंगे.
इंदौर का मॉडल पूरे देश में लागू होगा
खट्टर ने कहा कि स्वच्छता केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इंदौर ने लगातार स्वच्छता में देशभर में पहचान बनाई है और अब इंदौर मॉडल को देश के अन्य शहरों में लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि देशभर में लगभग 57 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण किया गया है. विभिन्न शहरों में एसटीपी और वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनसे गैस और जैविक खाद का उत्पादन भी होगा. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ नगरीय निकायों की आय भी बढ़ेगी.
आज भूमि पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को नई गति देने के लिए 20 जून को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और वे स्वयं इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन करेंगे. लगभग 2935 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह 48 किलोमीटर लंबा फोरलेन कॉरिडोर इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के समीप सिंहस्थ बायपास तक विकसित किया जाएगा.
पीएम सूर्य योजना में करोड़ मीटर
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं का उल्लेख करते हुए खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश में लगभग 1 करोड़ 35 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जबकि देशभर में करीब 20 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्थापित किए जाने का लक्ष्य है. इससे उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक बिलिंग व्यवस्था मिलेगी.
