
छिंदवाड़ा.शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता को लेकर कलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने नगर निगम की समीक्षा बैठक ली. वहीं कलेक्टर ने रोगी कल्याण समिति की बैठक लेकर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया. कलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने नगर निगम की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना (बीएलसी) के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों का चयन वार्ड स्तर पर नियमानुसार निरीक्षण के बाद ही करने तथा डीपीआर को अनुमोदन उपरांत अग्रेषित करने के निर्देश दिए, जिससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को आवास का लाभ मिल सके. शहर की आर्थिक मजबूती के लिए राजस्व आय बढ़ाने के निर्देश दिए गए. वहीं पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को क्रेडिट सुविधा से जोडऩे पर बल दिया गया, जिससे अधिक से अधिक छोटे व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिल सके. बैठक में सभी वार्डों में नियमित और शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने, समयबद्ध सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण तथा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए अमानक पॉलिथिन के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए. हरित छिन्दवाड़ा के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए लक्ष्य अनुसार गड्ढे तैयार कर छायादार एवं फलदार पौधों का व्यापक पौधरोपण करने की योजना पर जोर दिया गया. साथ ही श्रमयोगी मानधन योजना के माध्यम से पात्र लाडली बहनों को पेंशन सुरक्षा से जोडऩे तथा आवारा पशुओं के बेहतर प्रबंधन के निर्देश भी दिए गए.
आउटर्सोस एजेंसी करेगी मेमोग्राफी मशीन का संचालन 00000000
कलेक्टर की अध्यक्षता में रोगी कल्याण समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अस्पताल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करते हुए कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया। समिति द्वारा 1 दिसंबर से 31 मार्च तक की आय-व्यय विवरणी का अनुमोदन किया गया. इसके साथ ही जिला चिकित्सालय छिन्दवाड़ा में वर्तमान में संचालित आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से मेमोग्राफी मशीन का संचालन कराने का निर्णय लिया गया. मैमोग्राफी की सेवा लिए जाने के लिए आयुष्मान एवं बीपीएल मरीजों से 800 रुपये तथा एपीएल एवं निजी मरीजों से 1500 रुपये शुल्क निर्धारित करने का निर्णय लिया गया. बैठक में जिला चिकित्सालय पर लंबित जीएसटी के भुगतान के लिए रोगी कल्याण समिति से राशि व्यय करने की स्वीकृति प्रदान की गई. यह भी निर्णय लिया गया कि शासन स्तर से बजट प्राप्त होने पर उक्त राशि का समायोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पुराने अस्पताल भवन के डिस्मेंटल होने के बाद विभिन्न विभागों के स्थानांतरण कार्य में होने वाले व्यय के लिए लगभग 50 हजार रुपये तक की राशि खर्च करने को भी समिति ने मंजूरी प्रदान की.
