आध्यात्मिक जागृति से ही वैश्विक शांति संभव : मुर्मू 

बैतूल। आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को उसकी आंतरिक शक्ति से परिचित कराती है और सकारात्मक सोच को उच्च जीवन मूल्यों से जोड़ती है वर्तमान समय में जब विश्व तनाव, संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों से जूझ रहा है तब आध्यात्मिकता और मानवीय मूल्य का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को बैतूल में ब्रह्म कुमारी संस्थान द्वारा आयोजित आध्यात्मिक जागृति से जनजाति समाज का सशक्तिकरण महासम्मेलन में यह विचार व्यक्त किया उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभव होगी जब समाज का कोई भी वर्ग विकास की मुख्य धारा से पीछे ना रहे।

Next Post

कॉक्सी सरकार पर बागेश्वर बाबा सुनाएंगे श्रीमद् भागवत कथा

Thu Jun 18 , 2026
ग्वालियर। कॉक्सी सरकार पर श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 17 दिसंबर से होगा। बागेश्वर बाबा के द्वारा जारी कथा कार्यक्रम सूची में लहार क्षेत्र में 17 दिसंबर से 21 दिसंबर तक श्रीमद्भागवत कथा किए जाने की जानकारी प्रदान की गई है। इस तरह मजिस्ट्रेट सरकार के दरवार में सात दिन […]

You May Like