सतना : में पुलिस द्वारा शराब से लदी स्कार्पियो पकड़ी गई थी. हलांकि उस दौरान शराब की तस्करी करने वाले मौके से भाग निकले थे. लेकिन वाहन स्वामी को केंद्र में रखते हुए जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मामला फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी के तौर पर सामने आया. मामले की पुष्टि होने पर सक्रिय हुई पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.नागौद थाना प्रभारी अशोक पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 14 सितंबर 2023 को ग्राम रहिकवारा तिराहे पर एक स्कार्पियो वाहन को पकड़ा गया था. हलांकि वाहन चालक और सवार भाग निकले थे.
लेकिन वाहन में शराब लदी होने के कारण उसे जब्त कर लिया गया था. इस संबंध में जब पुलिस ने वाहन स्वामी श्रीमती पूनम सिंह निवासी दुर्ग छत्तीसगढ़ से जानकारी ली तो उन्होंने बताया था कि पलामू झारखण्ड निवासी सुखेंद्र उर्फ राहुल सिंह के नाम से वाहन का किरायानामा बना हुआ है. लेकिन वहीं दूसरी ओर जब पुलिस ने सुखेंद्र सिंह से संपर्क कर मामले को क्रॉस चेक किया तो उसके द्वारा किरायानामा पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं.
जिसे देखते हुए हस्ताक्षर की जांच राज्य विवादास्पद दस्तावेज परीक्षक से कराई गई. जिसमें सुखेंद्र सिंह के हस्ताक्षर नहीं मिले. जिसे देखते हुए पुलिस ने वाहन स्वामी द्वारा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर आपराधिक षणयंत्र रचने और मिथ्या दस्तावेज प्रस्तुत करने का प्रकरण दर्ज कर लिया गया. मां की जगह बेटे ने किए हस्ताक्षर
पुलिस ने जब वाहन स्वमी को दस्तयाब कर पूछताछ की तो मालुम हुआ कि उनका बेटा अंकित सिंह वाहन लेकर घूमने गया था.
इसी दौरान चालक मोहन सिंह ने अपने उपयोग के लिए वाहन मांग लिया. बाद में मालुम हुआ कि उक्त वाहन में श्साराब पकड़ी गई है. वाहन स्वामी के अनुसार उन्होंने बेटे को पावर आफ एटार्नी दी थी. जिसके आधार पर बेटे ने विक्रम सिंह के नाम से किरायानामा कराया था. उक्त किरायानामा में वाहन स्वामी के बजाए बेटे ने हस्ताक्षर कर दिए थे. जिसे देखते हुए सक्रिय हुई पुलिस ने अंकित सिंह पिता विवेक 24 वर्ष निवासी दुर्ग छत्तीसगढ़ और मोहन सिंह पिता विष्णु 24 वर्ष निवासी रोहतास बिहार को गिरफ्तार कर लिया
