सतना :प्री मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने के कारण भले ही भीषण हीट वेव का असर समाप्त हो गया हो, लेकिन चटख धूप के साथ जारी भीषण उमस ने लोगों को हलाकान कर रखा है. वहीं दूसरी ओर मानसून का लंबा होता इंतजार भी लोगों की परेशानी का सबब बना हुआ है.मौसम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को शहर में दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हलांकि अधिकतम तापमान में पिछले 24 घंटे में डेढ़ डिग्री की कमी देखने को मिली. लेकिन इसके बावजूद भी यह सामान्य की तुलना में 1.1 डिग्री अधिक पाया गया.
तकरीबन यही स्थिति रात के न्यूनतम तापमान में भी देखने को मिली. बुधवार को दर्ज 27.9 डिग्री में भले ही पिछली रात की तुलना में 1.9 डिग्री की कमी देखने को मिली हो. लेकिन इसके बावजूद भी यह सामान्य की तुलना में 0.1 डिग्री अधिक पाया गया. इसी कड़ी में पिछले 24 घंटे में 12 मिमी बारिश भी दर्ज की जा चुकी थी. जिसके चलते हवा में नमी की मात्रा 71 से लेकर 53 प्रतिशत के बीच बनी रही. हवा में बढ़ी हुई नमी का सीधा असर भीषण उमस के तौर पर देखने को मिला. दोपहर बाद तक जारी रही चटख धूप और हवा में नमी की मात्रा ने गर्मी की तासीर को लगभग 4 डिग्री अधिक बढ़ा दिया. हलांकि दोपहर बाद बादलों के मंडराने के दौरान छुपपुट बूंदाबांदी भी देखने को मिली. लेकिन इसके बावजूद भी उमस भरी गर्मी से किसी तरह की राहत मिलती नजर नहीं आई.
लंबा होता इंतजार
वैसे तो इस बार मानसून के समय से पहले सक्रिय होने की जानकारी सामने आई थी. लेकिन मानसून की सुस्त रफ्तार कुछ ऐसी बताई जा रही है कि फिलहाल उसे छत्तीसगढ़ पहुंचने में भी 4-5 दिनों का समय लग सकता है. इस लिहाज से देखा जाए तो विंध्य में मानसून के पहुंचने का इंतजार लंबा होता नजर आ रहा है. लिहाजा जारी उमस भरी गर्मी के बीच छुटपुट प्री मानसूनी गतिविधियों के जरिए ही थोड़ी-बहुत राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है
