सतना:जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो सके इसके लिए राज्य सरकार की मंशा के अनुसार आई टी पार्क बनाने के प्रयास कई साल पहले बगहा स्थित आयल डिपो के लिए आरक्षित भूमि पर इसको बनाने का प्रस्ताव किया गया था.हांलाकि अधिग्रहण के बाद भी भूमि के मसले पर एक पक्ष न्यायालय चला गया था.जिसके चलते इससे सम्बन्धित सभी गतिविधियों पर रोक लग गई थी.
इस मामले में औद्योगिक विकास निगम ने महापौर को पत्र लिख कर यह जानकारी मंगलवार को प्रेषित की है कि आई टी पार्क के निर्माण में आ रही कानूनी अड़चन अब समाप्त हो चुकी है.पत्र में महापौर योगेश ताम्रकार द्वारा पूर्व में इस संदर्भ में लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि जिस भूमि को लेकर बात कही गई है.उसमें उच्च न्यायालय जबलपुर ने दायर याचिका पर स्थगन दे रखा था.जिसका अन्तिम निर्णय 12 मई को हो गया था. न्यायालय ने पूर्व में दिए गए स्थगन आदेश को वापस कर राज्य सरकार को इसे विकसित करने की अनुमति प्रदान कर दी है.
इस आदेश के मिलते ही बगहा की भूमि में औद्योगिक विकास निगम ने आईटी पार्क और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कार्रवाही प्रारम्भ कर दी है.उक्त पत्र निगम के मुख्य अभियंता ने भेजा है.जिसकी प्रति सोशल मीडिया के कई समूहों में वायरल हो रही है.तीन तरह के उद्योगों की पहल:योगेश इस मामले में महापौर योगेश ताम्रकार ने पत्र की पुष्टि करते हुए बताया कि इस औद्योगिक क्षेत्र में तीन तरह के उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव भेजे गए है.इको फेन्डली प्रदूषण मुक्त उद्योगों में आई टी पार्क के अलावा गारमेन्ट उद्योग और खिलौना उद्योग के स्थापना की पहल की जाएगी.उन्होने बताया कि इस प्रकार के उद्योग लगने से क्षेत्र की महिलाओं और युवों के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा हो सकेंगे.
