
जबलपुर। ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने के खिलाफ व पक्ष में दायर की गयी याचिकाओ की सुनवाई हाईकोर्ट जस्टिस आनंद पाठक तथा जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ के द्वारा की गयी। युगलपीठ ने सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई प्रारंभिक स्तर से प्रारंभ किये जाने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने सभी याचिकाओं पर 24 जून से प्रतिदिन सुनवाई के आदेश जारी किये है।
गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण के संबंध में दायर 86 याचिकाओं की अंतिम सुनवाई तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ के द्वारा की जा रही थी। युगलपीठ ने पक्ष तथा विपक्ष में दायर की गयी याचिकाओं को अलग-अलग करने के आदेश जारी किये थे। आरक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं को पहले पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया था। जिनकी तरफ से सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ के द्वारा इंद्र साहनी के मामले में पारित आदेश का हवाला देते हुए कहा गया था कि आरक्षण की अधिक सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है। इसके अलावा जनसंख्या के आधार पर आरक्षण की सीमा को नहीं बढाया जा सकता है। युगलपीठ ने बुधवार को सुनवाई के बाद पुन प्रारंभिक स्तर से सुनवाई प्रारंभ करने के आदेश जारी किये है।
