चेन्नई, 16 जून (वार्ता) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रदेश के किसानों के लिए सहकारी फसल रिण माफी योजना के तहत 25 मई को घोषित 50,000 रुपये की सीमा बढ़ाकर 75000 रुपये कर दी है जिससे 14.43 लाख से ज़्यादा किसानों को फ़ायदा होगा।
श्री विजय ने विभिन्न किसान संगठनों की मांगों और विपक्षी पार्टियों की आलोचनाओं के बाद हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फ़ैसला लिया। सत्तारुढ़ टीवीके पर कृषि रिण की पूरी माफ़ी के अपने वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया गया था। बढ़ी हुई रिण माफ़ी से लगभग 14,43,504 किसानों को फ़ायदा होगा और सरकार पर हर साल 5,932.23 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
यहां एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिन किसानों ने एक मई, 2025 से 28 फरवरी, 2026 के दौरान सहकारी संस्थाओं से 75,000 तक का रिण लिया था, उन्हें शत प्रतिशत माफ़ी मिलेगी, जबकि जिन लोगों ने 75,000 रुपये से अधिक का रिण लिया था, उन्हें 35,000 रुपये की माफ़ी मिलेगी। इस रिण माफ़ी से किसानों को आने वाले खरीफ सीज़न के दौरान नए रिण लेने में मदद मिलेगी।
कुल 6,22,313 किसानों जिनमें 5,22,81 सीमांत, 94,729 छोटे और 4,753 दूसरे बड़े किसान है जिन्होंने 75,000 तक का रिण लिया था, उन्हें पूरी शत प्रतिशत छूट मिलेगी, जो कुल 3,058.06 करोड़ रुपये होगी, जबकि 8,21,191 किसानों में 3,10,942 सीमांत , 4,21,454 छोटे और 88,795 दूसरे किसान जिन्होंने 75,000 से ज़्यादा का रिण लिया था, उनमें से प्रत्येक को 35,000 रुपये की छूट मिलेगी, जो कुल 2,874.17 करोड़ रुपये होगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुल 14,43,504 किसानों को इस बढ़ी हुई कृषि रिण माफ़ी से फ़ायदा होगा जिसमें 8,33,773 छोटे किसानों को 3,599.67 करोड़ की माफ़ी मिलेगी, 5,16,183 छोटे किसानों को 1,995.42 करोड़ रुपये की माफ़ी और 93,548 दूसरे बड़े किसानों को 337.15 करोड़ रुपये इस बढ़ी हुई कृषि रिण माफ़ी से फ़ायदा होगा।
