जयपुर 14 जून (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा है कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसी नेता आज होतीं, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देती।
श्री गहलोत ने रविवार को जयपुर में नवाब दादा कायम खां शहीद दिवस एवं सम्मान समारोह में बोलते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा “उत्तरप्रदेश में विधानसभा की 403 सीटें हैं लेकिन भाजपा एक भी सीट किसी मुस्लिम उम्मीदवार को नहीं देती और खुद को एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी कहते हैं। देशवासियों को दिखाने के लिए ही सही, पाँच सीटें दे देते लेकिन ये यह जताना चाहते हैं कि ‘हम शुद्ध रूप से हिंदुत्ववादी पार्टी हैं।’ वो बेचारे मुख्तार अब्बास नकवी इतने लंबे समय तक भाजपा की कितनी शानदार पैरवी करते थे; शाहनवाज हुसैन मंत्री थे, लेकिन आज आपने सबको घर बैठा दिया।”
उन्होंने कहा कि जिनकी सोच ही यह हो कि केवल हिंदुत्ववादियों को भड़काओ और राज करो, अगर आज इंदिरा गांधी जैसी कद्दावर नेता होती तो भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देती। उन्होंने कहा ” क्या आप सिर्फ हिंदुत्व के एजेंडे पर पार्टी चलाएंगे? क्या आप सिर्फ हिंदुओं के नाम पर राजनीति करना चाहते हैं। आपने जिस संविधान की शपथ ली है, उसमें सभी धर्मों, सभी जातियों और सभी वर्गों का सम्मान करने की बात कही गई है। आप धर्म के नाम पर राजनीति नहीं कर सकते, लेकिन आज खुलेआम यही सब हो रहा है।”
श्री गहलोत ने कहा कि उन्हें याद है कि भैरों सिंह शेखावत जब बाली से चुनाव लड़े, तो उनके मुंह से राम मंदिर को लेकर कुछ शब्द निकल गए थे। वह चुनाव तो जीत गए और बाद में मुख्यमंत्री भी बन गए, लेकिन किसी ने उच्च न्यायालय में उनके खिलाफ केस कर दिया। वह मामला इतना संगीन था कि उनकी विधानसभा सदस्यता भी जा सकती थी। बाद में उन्होंने मुख्य गवाह को रास्ते में बस में रोककर, पुलिस के सहयोग से समझाइश की या जो भी किया, तब जाकर वे बच पाए।
उन्होंने कहा कि वह यह कहना चाहते हैं कि एक वो दौर था, जब चुनाव में धर्म का सिर्फ नाम लेने मात्र पर पाबंदी थी, आप धर्म को बीच में नहीं ला सकते थे और आज का दौर देखिए, जहां चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आज पूरे देश के अंदर धर्म के नाम पर लोगों को खुलेआम भड़काया जा रहा है। अब धर्म के इस दुरुपयोग पर न तो कोई बात करता है और न ही कोई न्यायालय जा रहा है। सबने देख लिया है कि देश की व्यवस्था और सोच बदल चुकी है। आज देश इसी ढर्रे पर चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा “आज देश के भीतर जो खतरनाक माहौल है, ऐसा माहौल मैंने अपनी जिंदगी के 50 साल के राजनीतिक करियर में कभी नहीं देखा। यहां बैठे सभी वरिष्ठ लोग भी इस बात से सहमत होंगे। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि आज बेहद खतरनाक माहौल है। अगर देश अब भी नहीं संभला, तो बाद में देशवासी खुद इसका खामियाजा भुगतेंगे। हमारी युवा पीढ़ी का कोई भविष्य नहीं बचेगा और हालात बेहद गंभीर हो जायेंगे।”
उन्होंने कहा कि इसलिए आज युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी सबसे ज़्यादा है; क्योंकि इतिहास उन्हें भी माफ़ नहीं करेगा। कल को उनसे पूछा जाएगा कि जब देश में यह सब हो रहा था, तब वे युवा के रूप में क्या कर रहे थे।
श्री गहलोत ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद और बाबासाहेब अंबेडकर के जमाने की पार्टी है। उन्हीं के बनाए संविधान की बदौलत आज देश चल रहा है। इंदिरा गांधी ने शहादत दे दी, पर खालिस्तान नहीं बनने दिया। राजीव गांधी शहीद हो गए, क्योंकि वह श्रीलंका सहित पूरे उपमहाद्वीप में शांति स्थापित करना चाहते थे। उन्होंने अपनी जान दे दी, पर देश को एक और अखंड रखा लेकिन आज सत्ता में बैठे लोगों की सोच क्या है। इनकी सोच से देश कमजोर हो रहा है। ये लोग जानबूझकर धार्मिक ध्रुवीकरण कर रहे हैं।
