वाशिंगटन, 14 जून (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह लेबनान की राजधानी बेरूत पर हुए इजरायली हवाई हमले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हमले को बेहद गैर-जरूरी बताया और चेतावनी दी कि यह कार्रवाई ईरान के साथ होने वाले ऐतिहासिक ‘शांति समझौते’में बाधा बन सकती है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “आज सुबह बेरूत पर हुआ हमला बिल्कुल नहीं होना चाहिए था, विशेष रूप से एक ऐसे खास दिन पर जब हम ईरान के साथ शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।” उन्होंने इजरायल के रक्षा के अधिकार का समर्थन तो किया, लेकिन साथ ही हमले के समय और कारण पर सवाल भी उठाए।
इजरायल द्वारा दी गई प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “इजरायल को खतरों के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जिस हमले (हिजबुल्लाह द्वारा) का वह जवाब दे रहा था, वह बहुत छोटा और महत्वहीन था। उसमें किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ था, न ही कोई घायल हुआ या मारा गया था। ऐसे में इस हमले के कारण इतनी महत्वपूर्ण शांति प्रक्रिया में व्यवधान नहीं आना चाहिए था।”
श्री ट्रंप ने क्षेत्र में तनाव कम करने की पुरजोर वकालत करते हुए लिखा, “हम एक ऐसे समझौते के बेहद नजदीक हैं जो पूरे क्षेत्र में शांति लाएगा, जिसमें लेबनान भी शामिल है। इसलिए अब सभी पक्षों को तुरंत पीछे हट जाना चाहिए। इजरायल द्वारा लेबनान में कहीं भी और कोई हमला नहीं किया जाना चाहिए, और साथ ही हिजबुल्लाह सहित किसी भी अन्य पक्ष द्वारा इजरायल के खिलाफ कोई जवाबी हमला नहीं होना चाहिए।”
राष्ट्रपति ट्रंप ने दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के प्रति सकारात्मक उम्मीद जताते हुए दुनिया को आगाह किया। उन्होंने कहा, “यह एक लंबी और बेहद खूबसूरत शांति की शुरुआत हो सकती है—आइए हम सब मिलकर इसे बर्बाद न करें!”
