
मुलताई। ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब में रविवार को सैकड़ों मछलियां मृत मिलने से स्थानीय लोगों में चिंता और नाराजगी व्याप्त हो गई। प्रारंभिक तौर पर जलस्तर में लगातार कमी और पानी में ऑक्सीजन की कमी को मछलियों की मृत्यु का कारण माना जा रहा है।
तालाबों के किनारे बड़ी संख्या में मृत मछलियां दिखाई देने के बाद आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है, जिससे स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ताप्ती सरोवर नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नगर पालिका द्वारा ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब में पोटेशियम परमैंगनेट का छिड़काव कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जल की गुणवत्ता सुधारने और शेष मछलियों को बचाने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से दोनों जल स्रोतों में पानी का स्तर लगातार घट रहा था, लेकिन समय रहते मछलियों के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। समाजसेवी संजय अग्रवाल ने नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जलस्तर कम होने की स्थिति में मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी।
उन्होंने मृत मछलियों को तत्काल हटाने तथा बची हुई मछलियों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। उनका कहना है कि इस घटना से पर्यावरणीय संतुलन के साथ-साथ लोगों की धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा जल स्रोतों की स्थिति सुधारने और मछलियों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
