विद्यार्थियों को समसामयिक विषयों, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को भी समझना चाहिए: विकास

सीधी। मध्यप्रदेश शासन द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में जनसुझाव प्राप्त करने की प्रक्रिया अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग की अगुवाई में सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मड़रिया में समान नागरिक संहिता विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

वाद-विवाद प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने समान नागरिक संहिता के विभिन्न सामाजिक, संवैधानिक, विधिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। विद्यार्थियों ने अपने तर्कों में समानता, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक कानूनों में एकरूपता, नागरिक अधिकारों की समान सुरक्षा तथा सांस्कृतिक विविधता जैसे विषयों को प्रमुखता से रखा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहकर समसामयिक विषयों, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर परिपक्व राय बनाने के लिए उसके सभी पक्षों का अध्ययन आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि समावेशी विकास ही किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति का आधार होता है। जब समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अवसर, सम्मान और भागीदारी प्राप्त होती है, तभी विकास के सकारात्मक परिणाम अंतिम व्यक्ति तक पहुंचते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, अवसर, अधिकार और निर्णय प्रस्रि5या में उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं अन्य पारिवारिक विषय विभिन्न विधिक प्रावधानों के अंतर्गत संचालित होते हैं। इन विषयों के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का समग्र अध्ययन कर नागरिकों के लिए अधिक न्यायसंगत, समान एवं स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा अभियान के संयोजन में किया गया।

००

समान नागरिक संहिता पर सुझाव किये जा रहे आमंत्रित

कलेक्टर ने कहा कि समिति द्वारा समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रदेशभर से सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए जा रहे हैं। जिले के नागरिक, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, अधिवक्ता, राजनीतिक दल, गैर-शासकीय संस्थाएं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठन तथा अन्य इच्छुक नागरिक इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग ले सकते हैं। नागरिक अपने सुझाव पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं तथा डाक के माध्यम से भी अपने अभिमत प्रेषित कर सकते हैं।

००

कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति

कार्यक्रम में द्वारिका प्रसाद गुप्ता व्यवस्थापक सरस्वती विद्यालय, रमेशचंद्र त्रिपाठी प्राचार्य सरस्वती विद्यालय करौंदिया, मनोज कुमार शर्मा प्राचार्य सरस्वती विद्यालय सुभाष नगर सीधी, अमोल सिंह सेंगर प्राचार्य सरस्वती विद्यालय जमोड़ी तथा दिनेश तिवारी प्रधानाचार्य सरस्वती विद्यालय कोटहा सहित सीधी मुख्यालय के सभी सरस्वती विद्यालयों के आचार्यगण, बहन शिक्षिकाएं, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

०००००००००

Next Post

पति-पत्नी ने खाया जहर दोनों की मौत, दोनो पति पत्नी अपने अपने मां बाप के थे इकलौती संतान

Sun Jun 14 , 2026
अजयगढ़, अजयगढ ग्राम भकुरी में पति-पत्नी ने रात्रि में जहर खा लिया। इसकी खबर जब परिजनों को लगी तब तक पत्नी की मौत हो चुकी थी और पति जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था जिसे परिजनों द्वारा तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया, परंतु रास्ते में उसने […]

You May Like