बंगाल नगरपालिका में कथित भर्ती घोटाले में मदन मित्रा से जुड़े परिसरों पर ईडी की छापेमारी

कोलकाता, 13 जून (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कई टीमों ने केंद्रीय बलों के साथ शनिवार को पश्चिम बंगाल में कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले की जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व मंत्री मदन मित्रा से जुड़े आठ परिसरों की तलाशी ली।

सूत्रों के मुताबिक अवैध धन शोधन निवारण एजेंसी ने कमरहटी के विधायक मदन मित्रा से जुड़े ठिकानों की तलाशी इस आरोप में ली कि सात नगर निकायों में पैसे और सोने के बदले नियुक्तियां की गयी थीं।

उन्होंने बताया कि ईडी अधिकारियों ने भवानीपुर, जोका, बेलघरिया और दक्षिणेश्वर में विधायक के आवासों की तलाशी ली। श्री मित्रा के घर पर यह छापेमारी 20 मार्च, 2023 को गिरफ्तार किये गये अयान सिल नामक व्यक्ति से मिली जानकारी के बाद की गयी। सिल की कंपनी पर कमरहटी नगरपालिका सहित राज्य भर की सात नगरपालिकाओं में भर्ती के संबंध में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उस पर इन नगरपालिकाओं में ग्रुप-डी स्टाफ और टाइपिस्ट जैसे विभिन्न पदों के लिये भर्ती की सुविधा प्रदान करने, ओएमआर शीट की छपाई और साक्षात्कार प्रक्रियाओं के आयोजन जैसे कार्यों को संभालने का आरोप है।

जांच के दौरान, केंद्रीय एजेंसी के हाथ एक रहस्यमयी डायरी लगी, जिसे कथित तौर पर सिल ने लिखा था। इस डायरी में शुरुआती अक्षर एमएम लिखे पाये गये थे। ईडी ने इस सुराग पर कार्रवाई करते हुये श्री मित्रा के आवास और अन्य स्थानों पर छापेमारी की। श्री मित्रा अक्सर सोशल मीडिया के लाइव सत्रों के दौरान एमएम अक्षरों का इस्तेमाल करते थे।

विधायक से शुरुआत में दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर स्थित उनके फ्लैट में पूछताछ की गयी। इस फ्लैट में वह अपने परिवार के साथ रहते हैं। फ्लैट में तलाशी अभियान सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ और केंद्रीय बलों के जवानों ने घर की घेराबंदी कर दी। बाद में, मित्रा ईडी के अधिकारियों के साथ उत्तर 24 परगना जिले के कमरहटी स्थित अपने आवास पर गये। रिपोर्ट लिखे जाने तक नगरपालिका भर्ती घोटाले के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जा रही थी।

ईडी ने कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके संतोषपुर में एक क्लब में भी छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, विधायक के आवास से कई दस्तावेज और छह बैंक खातों की जानकारी मिली है। सूत्रों का दावा है कि जांच में मिले सबूतों से संकेत मिले हैं कि भर्ती प्रक्रिया के तहत नकदी और सोना बिचौलियों के माध्यम से भेजा गया था और कथित तौर पर श्री मित्रा तक पहुंचा था।

जांचकर्ता धन के कथित प्रवाह का पता लगाने के लिये वित्तीय लेन-देन, बातचीत के रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि श्री मित्रा से जुड़ी 125 से अधिक नियुक्तियां वर्तमान में जांच के दायरे में हैं। उनके घर पर तलाशी नगरपालिका भर्ती घोटाले की तेज होती जांच के बीच हुई है। इस मामले में पूर्व राज्य मंत्री सुजीत बोस को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

ईडी रिश्वत के बदले नौकरी दिलाने वाले एक तंत्र में राजनीतिक नेताओं, नगरपालिका अधिकारियों और बिचौलियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले में कुछ दिन पहले कमरहटी नगरपालिका के एक अधिकारी के आवास पर भी तलाशी ली गयी थी।

ईडी के आरोपों के संबंध में श्री मित्रा ने कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।

 

 

 

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