नयी दिल्ली, 30 मार्च (वार्ता) केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नये मैंगलोर बंदरगाह की बर्थ संख्या 9 के पुनर्विकास के लिए उस बंदरगाह के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इसके कार्यान्वयन की स्वीकृति 25 मार्च को दी गई। नया मैंगलोर पत्तन प्राधिकरण (एनएमपीए) डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल के आधार पर अंतर्गत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत इस बर्थ को कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पाद (पीओएल) और एलपीजी जैसे तरल थोक माल की ढुलाई के लिए पुन: विकसित करेगा।
अनुमानित 438.29 करोड़ रुपये की लागत से इस बर्थ को वर्तमान 10.5 मीटर से बढ़ाकर 14 मीटर किया जाएगा और भविष्य के लिए 19.8 मीटर तक के डिज़ाइन का प्रावधान भी होगा। इससे इस बंदरगाह पर 2,00,000 डीडब्ल्यूटी तक के जहाजों को प्रवेश दिया जा सकेगा जिसमें वेरी लार्ज गैस कैरियर (वीएलजीसी) भी शामिल हैं।
श्री सोनोवाल के हवाले से कहा गया है कि ने कहा कि इस परिवर्तन कारी योजना के तहत पुरानी सुविधाओं को विश्व स्तरीय समुद्री बुनियादी ढांचे से प्रतिस्थापित करके इसकी माल ढुलाई क्षमता को बढ़ा कर करीब 1.1 करोड़ टन प्रति वर्ष किया जा सकेगा। इससे यह बंदरगार वीएलजीसी सहित बड़े जहाजों को संभालने में सक्षम हो जाएगा।
पुनर्विकास कार्य एक निजी चयनित कंपनी के जरिए किया जाएगा। उसका चयन खुली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया (एकल-चरण, दो-स्तरीय प्रणाली) के माध्यम से किया जाएगा। कंपनी इसे 2 वर्ष में बनाएगी तथा निर्माण अवधि सहित उसे 30 वर्ष तक इसके परिचालन का अधिकार होगा।
