जबलपुर: कियोस्क सेन्टर खोलने की अनुमति देने के एवज मेंं दस हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप मेें सीबीआई के शिकंजे में आए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, शहडोल के सहायक प्रबंधक, अभयंक को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई शुक्रवार को जबलपुर लेकर आई । इसके बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से सीबीआई ने उसे 15 जून तक रिमांड पर लिया है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार सीबीआई, एसीबी, जबलपुर के पुलिस अधीक्षक को दीपेंद्र सिंह, पिता सुरेश सिंह, 36 वर्ष, निवासी बुरहार चौराहा, रमेश मिल के पास, रामबाबू कॉलोनी, थाना शहडोल, ने शिकायत करते हुए बताया कि वे पत्नी कृतिका के साथ एक कंपनी की फ्रैन्चाइजी लेकर काम करता है। डिंडौरी में 6 और शहडोल में 9 लोकेशन पर काम चल रहा है। चार लोकेशन की और फाइल लगाई गई है।
जिसकी शहडोल जिले के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कनाडी खुर्द देवरी लोकेशन है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, शहडोल के सहायक प्रबंधक, अभयंक के पास फाइल लंबित पड़ी है। अभयंक ने कियोस्क बैंकिंग सेवाओं के संचालन से संबंधित लंबित फाइल को मंजूरी देने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाया। इसके बाद गुरूवार रात्रि सीबीआई जबलपुर ने अभयंक को रंगे हाथों दस हजार रूपए की रिश्वत लेते दबोचा था।
चेहरा छुपाता रहा घूसखोर
सीबीआई ने जब आरेापित को गिरफ्तार कर जबलपुर लेकर आई और इसके बाद उसे जब कोर्ट लेकर पहुंची तो आरोपित अपना चेहरा छुपाता दिखा। न्यायालय ने आरोपित को 15 जून तक सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया है।
