ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक कुलगुरु प्रो. राजकुमार आचार्य की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में 117 सामान्य, मैनेजमेंट, बीएड और एमएड कॉलेजों की संबद्धता से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कार्यपरिषद ने उन सभी कॉलेजों की संबद्धता को मंजूरी दे दी, जिनमें निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी नहीं पाई गई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन कॉलेजों के प्रकरण स्थायी समिति द्वारा होल्ड या अमान्य किए गए हैं, वे निर्धारित कमियों को दूर कर आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना प्रतिवेदन डीसीडीसी कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद संबंधित प्रकरण कुलगुरु के समक्ष रखा जाएगा और कमियां संतोषजनक पाए जाने पर संबद्धता जारी कर दी जाएगी।
इस निर्णय का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि अब ऐसे मामलों में स्थायी समिति और कार्यपरिषद की अलग से बैठक आयोजित नहीं होगी। कॉलेजों द्वारा कमियां पूरी किए जाने के बाद अंतिम निर्णय कुलगुरु स्तर पर ही लिया जाएगा। कार्यपरिषद ने स्पष्ट किया कि किसी भी कॉलेज की संबद्धता निरस्त नहीं की गई है।
शिक्षकों की जानकारी वेबसाइट पर होगी उपलब्ध
ईसी सदस्य भानुप्रताप सिंह चौहान के सुझाव पर अंचल के सभी संबद्ध कॉलेजों में अध्यापन कार्य कर रहे शिक्षकों की सूची कॉलेजों की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया गया। साथ ही बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस का नवीनीकरण कराने पर भी सहमति बनी।
कर्मचारियों को भेजा जाएगा मूल विभागों में
ईसी सदस्य मनु चंद्रभान सिंह के पत्र पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में लैब टेक्नीशियन, स्टोर कीपर, लैब अटेंडेंट, लाइब्रेरियन और बुक लिफ्टर जैसे कर्मचारी, जो अपने मूल विभागों के बजाय प्रशासनिक कार्यों में संलग्न हैं, उन्हें वापस उनके संबंधित विभागों में भेजा जाएगा।
भवन समिति में किया गया बदलाव
बैठक में भवन समिति के सदस्य प्रो. जेएन गौतम और वर्तमान ईसी सदस्य प्रदीप कुमार शर्मा के स्थान पर ईसी सदस्य डॉ. कुमार संजीव तथा विश्वविद्यालय के आर्किटेक्ट तरुण मित्तल को समिति में शामिल करने का निर्णय लिया गया।
